डीएम ने शत्-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व निर्धारित समय पर जांच करने का दिया सख्त निर्देश

नवादा(आर्यन मोहन) यश पाल मीणा जिला पदाधिकारी नवादा के अध्यक्षता में समाहरणालय के सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा संचालित सभी योजनाओं का समग्र समीक्षा की गयी। उन्होंने शत्-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व निर्धारित समय पर जांच करने का सख्त निर्देश दिये। आरसीएच (रिप्रोडक्टिव चाईल्ड हेल्थ) के पंजियों का अद्यतन करने के लिए कई आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि उपर्युक्त दोनों कार्यक्रमों को सरकार के द्वारा निर्धारित माप-दण्ड के अनुसार ससमय कराना सुनिश्चित करें। इस कार्य के लिए सभी एमओआईसी को सख्त निर्देश दिया गया कि सभी प्रतिनियुक्त आशा और एएनएम के माध्यम से दोनों कार्यक्रमों को शत्-प्रतिशत कराना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने सभी एमओआईसी से स्वास्थ्य विभाग के द्वारा संचालित सभी योजनाओं का फिडबैक प्राप्त किये और कहा कि सभी सरकारी डाॅक्टर प्राईवेट क्लिनिक चलाना बंद करें और सरकार के निर्धारित कार्यक्रमों को ससमय लागु कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिस आशा का कार्य संतोषजनक नहीं है उसे तत्काल हटायें।
सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि नगर भवन नवादा में सभी आशा और एएनएम को आरसीएच और प्रसव पूर्व जाॅच करने के लिए विशेष प्रशिक्षण देना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो बीएचएम कार्य समय पर नहीं करते हैं उन्हें तत्काल हटाने के लिए प्रस्ताव दें।
आशा के कार्याें का क्राॅस जाॅच करने के लिए कई आवश्यक निर्देष दिये। उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर जाकर लाभुकों के प्रसव पूर्व जाॅच कर अद्यतन प्रतिवेदन देना सुनिश्चित करें अन्यथा कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। पकरीबरावां और वारिसलीगंज के बीएचएम के कार्य असंतोषजनक पाया गया जिसको सेवामुक्त करने का निर्देष सिविल सर्जन को दिये।
उन्होंने कहा कि सभी आशा कर्मियों का भुगतान ससमय देना सुनिश्चित करें। आशा के द्वारा संग्रह किये गए डाटा को भी क्राॅस जाॅच करने के लिए कई निर्देष दिये। सभी एमओआईसी को निर्देशित किया गया कि रोस्टर के अनुसार 24 घंटे आम जनता को चिकित्सा सेवा सुलभ कराना सुनिश्चित करें। कई बार निर्देश देने के बावजूद भी बीएचएम के द्वारा स्वास्थ्य विभाग के द्वारा निर्धारित कार्याें को ससमय पूर्ण नहीं किए हैं। एक सप्ताह के अन्दर सभी लंबित कार्याें को ससमय करने का निर्देश दिये। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आॅपरेटरों के द्वारा किये गए कार्याें पर भी गहन निगरानी करें। सभी सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में रहने वाले व्यक्तियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दास्त नहीं की जायेगी।
सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में डाॅक्टरों की संख्या 04 से लेकर 07 तक है जो पर्याप्त है। उन्होंने सभी अधिकारियों और डाॅक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिये कि बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ें। उन्होंने सभी एमओआईसी से डाॅक्टरों का फिडबैक का प्रतिवेदन देने का निर्देश दिये। सबसे अधिक डाॅक्टर नरहट प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रतिनियुक्त हैं जिनकी संख्या 07 है।
जिलाधिकारी ने डॉ. चक्रवर्ती को स्पष्ट निर्देश दिये कि टीवी मरीजों का सर्वे और जाॅच घर-घर और ईंट-भट्ठों पर भी जाकर जाॅच करायें।
सरकार के द्वारा टीवी की जाॅच और सभी दवाई निःशुल्क सुलभ करायी जाती है। उन्होंने जिलास्तरीय नोडल पदाधिकारी को प्रतिनियुक्त करने का निर्देष दिये जो जिले में सभी टीवी रोगियों की जाॅच और ईलाज का माॅनिटरिंग कर सके।
जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिये कि जिला स्तर पर एक नाॅडल आॅफिसर की प्रतिनियुक्ति करें जो प्रसव पूर्व सभी गर्भवती महिलाओं को ससमय जाॅच कराना सुनिश्चित करे। पंचायत स्तर पर जाकर डोर टू डोर भ्रमण करते हुए एएनसी और एनआरसी का डाटा संग्रह करायें। उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराना सुनिश्चित करें। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से रेफर होने वाले रोगियों का फिडबैक प्राप्त करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिये। डीपीएम को अपने कार्य कलाप में अपेक्षित सुधार लाने का कई निर्देष दिये। सभी एमओआईसी को निर्देश दिया गया कि माइक्रो प्लान बनाकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित सभी कार्यक्रमों को ससमय कराना सुनिश्चित करें। अन्यथा विधि-सम्मत Be करना सुनिष्चित करें। बैठक में डाॅ. निर्मला कुमारी सिविल सर्जन, डाॅ0 बीपी सिंहा एसीएमओ, डाॅ0 अशोक कुमार डीआईओ, सत्येन्द्र प्रसाद डीपीआरओ के साथ-साथ सभी एमओआईसी, बीएचएम के साथ अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।

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