जिलाधिकारी खीरी ने की अफसरों संग बैठक, दिए निर्देश, अंतर विभागीय समन्वय एवं टीम भावना से काम करें अफसर।

जिलाधिकारी खीरी ने की अफसरों संग बैठक, दिए निर्देश

अंतर विभागीय समन्वय एवं टीम भावना से काम करें अफसर।

लखीमपुर खीरी 25 नवंबर 2021 गुरुवार को डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कलेक्ट्रेट में अफसरों संग बैठक की। बैठक में डीएम ने विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति, एमडीएम वितरण, पराली प्रबंधन, फसल अवशेष, गोवंश संरक्षण, गौशालाओं में देखभाल की स्थिति, सभी कार्यालयों में प्रथम एवं द्वितीय डोज का टीकाकरण आईजीआरएस व जनसुनवाई बाढ़ कटान एवं राहत वितरण की बिंदुवार समीक्षा की एवं संबंधित को जरूरी निर्देश दिए।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि सभी जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी अपने भ्रमण के दौरान गो आश्रय स्थल, परिषदीय विद्यालय, धान क्रय केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की पड़ताल करें। उन्होंने निर्देश दिए कि एसडीएम सप्ताह में एक दिन ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की मीटिंग करें। इसमें संबंधित अधिकारी भ्रमण के दौरान प्राप्त शिकायतों को संबंधित अधिकारियों से साझा करेंगे। इससे अंतरविभागीय समन्वय भी बढ़ेगा। सभी अधिकारी मिलकर काम करेंगे, तो बेहतर परिणाम आएंगे।

डीएम ने की धान खरीद की समीक्षा, दिए निर्देश
डीएम ने धान खरीद की समीक्षा करते हुए कहा कि धान खरीद में किसानों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। मानक विहीन धान को बेचने में किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, यह प्रत्येक दशा में सुनिश्चित कराएं। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि जिले में अब तक विभिन्न क्रय एजेंसियों के क्रय केंद्रों के जरिए 9580 किसानों से 71783 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। वही प्रतिदिन लगभग 5000 मीट्रिक टन की खरीद की जा रही है। डीएम ने निर्देश दिए कि किसी भी केंद्र पर अनियमितता मिलने पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। निर्देश दिए कि नोडल अधिकारी नियमित निरीक्षण कर केंद्रों पर आने वाली समस्याओं को दूर करें। उन्होंने निर्देश दिए कि एसडीएम लेखपाल के जरिए एवं बीडीओ सेक्रेटरी के जरिए आवंटित क्रय केंद्रों का नियमित भ्रमण कराकर किसानों को फैसिलिटेट कराएं। उन्होंने निर्देश दिए कि एबीएसए, एडीओ पंचायत व सीडीपीओ किसानों से संवाद करके उन्हें क्रय केंद्रों के जरिए धान बेचने हेतु प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य व्यवस्थाओं को ठीक करना है ना की कमी निकालना। इसलिए सभी जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी भ्रमण के दौरान विद्यालयों का भी निरीक्षण करके मूलभूत सुविधाएं देखें।

सभी अफसर अधीनस्थ कर्मचारियों को लगवाएं कोविड की दोनों डोज, प्राप्त करें प्रमाण पत्र : डीएम
डीएम ने निर्देश दिए कि सभी जिला स्तरीय अधिकारी अपने अधीनस्थ सरकारी एवं संविदा कर्मचारियों की दोनों डोज लगवाना सुनिश्चित कराएं। वही अधीनस्थ कर्मचारियों से वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र भी प्राप्त करें। उन्होंने डीएसओ को निर्देश दिए कि कोटेदार के जरिए राशन कार्ड धारकों को कोविड की दूसरी डोज लगवाने हेतु प्रेरित एवं प्रोत्साहित कराए।

गो-आश्रय स्थलों में शीत ऋतु को देखते हुए कराएं मुकम्मल इंतजाम : डीएम
डीएम ने गोवंश संरक्षण एवं गौशालाओं में समुचित व्यवस्था पर वृहद समीक्षा की, संबंधित को जरूरी निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि शीत ऋतु से गोवंश को बचाने हेतु जरूरी व मुकम्मल इंतजाम करें। प्रत्येक गो आश्रय स्थल में यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी संरक्षित गोवंश शेड के भीतर ही रहे। शेड कि चारों तरफ त्रिपाल से कवर करा दें। गोवंश शीत ऋतु में किसी प्रकार की असुविधा ना हो, यह प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किया जाए।

आईजीआरएस एवं जनशिकायतों का गुणवत्तापरक करें निस्तारण : डीएम
डीएम ने आईजीआरएस एवं जनसुनवाई की समीक्षा करते हुए कहा कि सी श्रेणी में प्राप्त शिकायतों को माह के अंत तक गुणवत्तापरक निस्तारण करके फीड कराएं। अन्यथा उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। समस्या के समाधान किए बिना स्पेशल क्लोज कदापि ना किया जाए।

शौचालय नहीं है तो ब्लॉक में करे आवेदन : डीएम
डीएम ने कहा कि कोई भी पात्र जो शौचालय से वंचित रह गया हो वह अपने ग्राम विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, बीडीओ व डीपीआरओ से संपर्क कर शौचालय के लिए आवेदन कर सकता है। डीएम ने इसके लिए बीडीओ को स्पेशल काउंटर बनाने के निर्देश दिए। आवेदन के बाद पात्रता परीक्षण की जिम्मेदारी संबंधित सचिव एवं एडीओ पंचायत की होगी।

नियमित समीक्षा से रैंकिंग में प्राप्त करें ए श्रेणी : डीएम
डीएसटीओ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि माह नवंबर की रैंकिंग में सहकारी देयो की वसूली- बी श्रेणी दीर्घकालीन ऋण- बी श्रेणी, निराश्रित गोवंश को संरक्षित- बी श्रेणी, मुख्यमंत्री आवास योजना- सी श्रेणी एवं गोल्डन कार्ड व परिवार निवेदन को डी श्रेणी प्राप्त हुई। डीएम ने निर्देश दिए कि इन योजनाओं से संबंधित सभी अधिकारी नियमित समीक्षा करके अगले माह की रैंकिंग तक इन्हें ए श्रेणी प्राप्त करने हेतु हर संभव प्रयास करें।

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