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दिल्ली-एनसीआर सीएम योगी व केंद्रीय मंत्री पुरी ने दिखाई एक्वा लाइन मेट्रो को हरी झंडी, कल से आम लोग करेंगे सैर

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सीएम योगी व केंद्रीय मंत्री पुरी ने दिखाई एक्वा लाइन मेट्रो को हरी झंडी, कल से आम लोग करेंगे सैर

सीएम नोएडा पहुंचे
सीएम नोएडा पहुंचे – फोटो : अमर उजाला
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नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच बहुप्रतीक्षित एक्वा मेट्रो लाइन का शुक्रवार को विधिवत उद्घाटन हो गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सेक्टर 137 स्थित मेट्रो स्टेशन पर हरी झंडी दिखाकर एक्वा मेट्रो का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय राज्य मंत्री ने स्टेशन का निरीक्षण भी किया। इसके बाद उन्होंने तकरीबन 1450 करोड़ की लागत से बनने वाली छह परियोजनाओं का उद्घाटन तथा तीन परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

इसमें कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी के समांतर बने नया यमुना पुल, सेक्टर 33 स्थित शिल्प हाट एवं बुनकर भवन, सेक्टर 108 में स्थित ट्रैफिक पार्क, दादा दादी पार्क, शाहदरा ड्रेन के पुल का चौड़ीकरण, चिल्ला रेगुलेटर से सेक्टर 14 होकर महामाया पुल तक एलिवेटेड रोड, डीएसई रोड पर अगापुर से स्पेशल इकोनामिक जोन तक बनने वाले एलिवेटेड रोड, सेक्टर 94 में बने कमांड कंट्रोल सेंटर, सेक्टर 62 के मातृ एवं बाल सदन, सेक्टर 51, 52, 71, 72 स्थित अंडरपास आदि परियोजनाएं शामिल हैं।

इस कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ के साथ गौतमबुध नगर के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विमला बाथम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेट्रो में सवार होकर ग्रेटर नोएडा डिपो स्टेशन तक पहुंचे
aqua line metro
aqua line metro – फोटो : अमर उजाला
एक्वा मेट्रो लाइन का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेट्रो में सवार होकर ग्रेटर नोएडा डिपो स्टेशन तक पहुंचे। वहां से निकलकर मुख्यमंत्री ने ओप्पो मोबाइल कंपनी व टेक्ना इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड सहित आठ मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के क्लस्टर का विधिवत शिलान्यास किया। इन सभी इकाइयों का निर्माण वर्ष 2020 तक पूरा हो जाएगा।

गौरतलब है कि नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच कुल 21 मेट्रो स्टेशन हैं। मेट्रो सेक्टर 51 से ग्रेटर नोएडा स्थित डिपो स्टेशन तक चलेगी। इसका न्यूनतम किराया 10 रुपये तथा अधिकतम किराया 50 रुपये तय किया गया है। स्मार्ट कार्ड धारकों को किराए में 10 प्रतिशत तक छूट मिलेगी। इसके निर्माण में 5,503 करोड़ रुपए की लागत आई है।

एक्वा मेट्रो शुरू होने से ग्रेटर नोएडा के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के साथ -साथ लाखों लोगों को इसका लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक आलोक टंडन, कार्यकारी निदेशक पी डी उपाध्याय, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेद्र भूषण, तथा यमुना एक्सप्रेस वे विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अरुण कुमार सिंह, डीएमआरसी के निदेशक मंगू सिंह के अलावा पुलिस व जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
एक्वा मेट्रो की ये हैं खूबियां
नोएडा-ग्रेनो मेट्रो कॉरिडोर पर पहले चरण में 11 ट्रेनें चलेंगी। वहीं, इस कॉरिडोर पर 19 ट्रेनें चलाने की योजना है। भले इस प्रोजेक्ट का कुल बजट 5500 करोड़ रुपये है लेकिन यह काफी सस्ती मेट्रो लाइन है। जहां बाकी मेट्रो लाइनों के निर्माण में प्रति किलोमीटर 170 से 180 करोड़ रुपए का खर्च आता है, वहीं नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो पर सिर्फ 150 से 160 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर खर्च हुए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक यहां 11 ट्रेनें चीन से आई हैं। इस कॉरिडोर पर 21 स्टेशन हैं,
जिनमें 18 स्टेशनों पर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा एक्वा लाइन के यात्रियों के लिए स्मार्ट कार्ड की भी व्यवस्था है। इस कार्ड का उपयोग दूसरे अन्य कार्यों के लिए भी किया जा रहा है।

बता दें कि इस लाइन का बजट बढ़ सकता था, लेकिन इंजीनियरों ने मेट्रो पिलर की ऊंचाई कम रखी और आबादी कम होने की वजह से इस लाइन का खर्च कम आया। सफीपुर गांव के पास मेट्रो ट्रैक की ऊंचाई करीब-करीब जमीन के बराबर है। गांव के समीप से 400 केवी की हाइटेंशन लाइन क्रास कर रही है। मेट्रो की ऊंचाई बढ़ने से लाइन को स्थानांतरित करना पड़ता है। इंजीनियरों ने अपने कौशल से यहां ट्रैक की ऊंचाई कम की। इससे एनएमआरसी को 120 करोड़ रुपये की बचत हुई।

इस लाइन पर प्रिंटेड टिकटें मिलेंगी। यहां टोकन की व्यवस्था नहीं होगी। इसका पहला ट्रायल डिपो स्टेशन से नॉलेज पार्क तक बीते वर्ष अक्तूबर-नवंबर में किया गया था। इस कॉरिडोर के सभी स्टेशनों में प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर, जल संचय की सुविधा और सोलर पैनल होंगे। इस कॉरिडोर को डीएमआरसी के ब्लू लाइन के सिटी सेंटर से सेक्टर-62 कॉरिडोर से वॉक वे जोड़ा जाएगा।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा डिपो
26 हेक्टेयर में फैले डिपो में 16 लाइनें हैं, जहां 32 ट्रेनें खड़ी हो सकेंगी। यहां 4 ट्रैक का वर्कशॉप हैं। एक ट्रैक पर क्लीनिंग शेड, छह ट्रैक निरीक्षण के लिए और एक किलोमीटर का टेस्टिंग ट्रैक है। पूरी लाइन यहीं से कंट्रोल होगी।

फैक्ट फाइल
29.7 किलोमीटर लंबी लाइन, 21 स्टेशन, अक्तूबर 2014 में एमओयू साइन, 2002 यू-गर्डर्स, स्टील 75000 टन, कंक्रीट 5.5 लाख क्यूबिक मीटर।…

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