प्राधिकरण में व्याप्त भ्रष्ट्राचार, कल भी था और आज भी है : अनुज अग्रवाल मौलिक भारत

प्राधिकरण में व्याप्त भ्रष्ट्राचार, कल भी था और आज भी है
भ्रष्ट्राचार पर सुप्रिम कोर्ट की टिप्पणी को संज्ञान में लेकर तीनो प्राधिकरण के अफसर, नौकरशाह और संबंधित मंत्री समेंत जनप्रतिनिधि और कर्मचारियों की हो जांच करने की मांग। जांच के बाद संबंधित सभी दोषियों के खिलाफ हो सख्त कार्यवाही। प्राधिकरण में भ्रष्ट्राचार कल भी था और आज भी है ऐसा ही चलता रहा तो कल भी रहेगा। योगी सरकार के चार साल बेमिशाल में घर खरीदारों का बुरा हाल। राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण घर खरीदारों को घर नही मिल पा रहा है।

नोएडा 19 अगस्त 2021 समाज जागरण(वतन की आवाज)

मौलिक भारत ट्रस्ट के द्वारा आज एक बार फिर से नोएडा के तीनों प्राधिकरण में व्याप्त भ्रष्ट्राचार को लेकर योगी सरकार को आड़े हाथ लिया है। हाल ही में देश के सबसे बड़ा न्यायिक संस्थान उच्चतम न्यायलय के उस टिप्पणी को लेकर भी मौलिक भारत के श्री अनुज अग्रवाल नें कहा कि योगी सरकार को माननीय न्यायलय के टिप्पणी पर संज्ञान लेते हुए तीनों प्राधिकरण के नौकरशाह, संबंधित मंत्री, जनप्रतिनिधी, कर्मचारियों के करवाये जाने चाहिए। दोषी पाये जाने पर सभी के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाय।
अनिल गर्ग नें कहा कहा कि एक जिले में तीन प्राधिकरण बना दिये गये ताकि ज्यादा से ज्यादा लूट का मौका मिल सके। यह भारत का अकेला उदाहरण है जहाँ पूर्ववर्ती सरकार नें तीन प्राधिकरण बना दिये नोएडा , ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे। एक तरफ तो प्रशासनिक खर्च बढ गए और दूसरी तरफ भ्रष्ट्राचार। नौकरशाहों को मनमर्जी करने और लूट मचाने की खूली छूट मिल गयी है।
जबकि 2 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले दिल्ली शहर में मात्र एक ही प्राधिकरण है, जिला गौतमबुद्धनगर में तीन प्राधिकरण बनाये गये है। जबकि प्राधिकरण बनाने के बाद भी भ्रष्ट्राचार और ज्यादा बढ गया। इतना बढ गया है कि माननीय न्यायलय तक को कहना पड़ा है कि प्राधिकरण के नाक, कान और आंख से ही नही बल्कि चेहरे से भ्रष्ट्राचार टपकता है।
संजय शर्मा नें बताया की संस्था नें 20 अगस्त 2019 को महामहिम राष्ट्रपति को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरणो में चल रहे पूर्व की अनिमियताओं व अराजकता के संदर्भ में एक विस्तृत प्रतिवेदन/शिकायत/मांग पत्र सबूतों के साथ जो कि लगभग 300 पेज का बना था राष्ट्रपति के पास भेजा था। राष्ट्रपति कार्यालय के द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री को नियमानुसार कार्यवाही के लिए निर्देश दिया गया व उस कार्यवाही को मौलिक भारत को सूचित करने का आदेश दिया था। लेकिन बड़े दुखद है कि प्रदेश के योगी सरकार 4 साल बेमिशाल के बाद भी क्या हुआ आज तक किसी को कुछ नही पता है। श्री शर्मा नें सरकार से इस मामले में त्वरित कार्यवाही करने की मांग की है।
पंकर सावरगी नें स्पष्ट किया कि संस्था के दबाव के कारण सीएजी आडिट कराने का आदेश दिया गया और पिछले दस साल की आडिट किया जा रहा है। सीएजी नें अपनी आडिट रिपोर्ट संबंधित विभाग को सौप दी थी। इस रिपोर्ट में मौलिक भारत के शिकायतों के अनुरूप बड़ी मात्रा में अनिमियतताओं व हजारों करोड़ रुपयों के घोटाले का खुलासा हुआ था। लेकिन इस रिपोर्ट के आधार पर भी वर्तमान सरकार के दवारा कोई कार्यवाही नही की गयी आखिर क्यो ? न तो दोषी को सजा मिली न ही तो लूट के रकम वापस मिला।
महेश सक्सेना नें निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था 24-01-2021 को भी नोएडा,ग्रेटर नोएडा और यमुना एकसप्रेसवे प्राधिकरणो में चल रही गड़बड़ियों व घोटालों को लेकर एक विस्तृत शिकायत पत्र भेजा था, लेकिन कोई कार्यवाही नही की गयी।

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