संकट मोचन चौकी प्रभारी गौरवउपाध्य के द्वारा लंका के स्ट्रीट वेन्डरो के उत्पीड़न को लेकर शिकायत

दैनिक समाज जागरण वाराणसी

वाराणसी बाबा की शहर में पथ विक्रेताओं के साथ हो रहे उत्पीड़न के संबंध में पुलिस आयुक्त को किया शिकायत। दलालों के इशारे पर संकट मोचन चौकी इंचार्ज के द्वारा पथ विक्रेताओं को परेशान करने का लगाया आरोप। पथ विक्रेताओं को दिन भर चौकी में रखते है और फिर पैसे लेकर छोड़ने का भी लगाया इल्जाम। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का यह हाल है तो देश के बांकि हिस्सों आप स्वयं अनुमान लगाइये। क्या यही है स्मार्टी सिटी का स्मार्ट पुलिसिंग।

लंका नरिया मार्ग पर बि यच यू हास्पिटल के बाहर मालवीयमूर्ति से 50 मिटर छोड़कर दिवाल से सटकर गुमटी ब्यवसायिक कल्याण समिति के सदस्यों की दुकाने लगती हैं।
सभी पथ बिक्रेताओ का स्मार्ट सीटी के तहत नगर निगम व डूडा के द्वारा रजिस्ट्रेसन भी हुआ है। नगरनिगम के द्वारा वेन्डिग साटीफिकेट भी मिला है तथा सभी दुकानदार पि 0यम0स्वः निधि के द्वारा 10000 हजार रपये लोन भी प्राप्त है । पहल से ही लाॅक डाउन की मार झेल रहे स्ट्रीट वेंडर, उसके बाद अब दलालों के इसारे पर संकट मोचन चौकी प्रभारी गौरव उपाध्याय अपने सिपाही को भेजकर कभी खुद आकर दो दो दुकानदारो को ले जाकर चौकी पर दिन भर रखते है उनकी दिन भर कि कमाई नष्ट करते है और दो हजार से पांच हजार रुपये की माँग करते है।
चिन्तामणि सेठ अध्यक्ष गुमटी ब्यवसायिक कल्याण समिति लंका एवम सदस्य टाउन वेन्डिग कमेटी नगरनिगम वाराणसी ने बताया की जो दुकानदार रुपये दिया उसको छोड़ देते है जो नही देता है उसको रात भर हवालात मे रखकर दुसरे दिन कचहरी भेजते है वहा पर हजार से डेढ हजार रुपये में उसकी जमानत होती है। ये सिलसिला लगभग दस दुकानदारो के साथ हुआ । सभी दुकानदार भयभीत है कि कब किसको पकडकर ले जाएगे ।

पीडित दुकानदार हमसे आप बिति कहने लगे क्योंकि मै वहा गुमटी ब्यवसायिक कल्याण समिति के अध्यक्ष एवम पथ बिक्रेता अधिनियम कि धारा 22 के तहत बनी टाउन वेन्डिग कमेटी नग रनिगम वाराणसी का एक सदस्य हूँ। मै भी एक वेन्डर हूँ । जब मै संकटमोचन चौकी प्रभारी गौरव उपाध्य जी से बात करना चाहा तो वह हमसे कडवे शब्द मे डाटकर भगाने कि कोशिश किया। बहुत रिकवेस्ट के बाद हमारे पथ बिक्रेता अधिनियम की मुख्य बिंदु व उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव रजनीश दुबे के शासनादेश से अवगत कराए फिर भी वो कोई कानुन व शासन के आदेश को मानने के लिए तैयार नहीं हुए।

बाद मे मुझे बुलाकर अपमानित शब्दो मे कहने लगे कि नेता बनते हो तुम्हारी नेतागिरी — मे डाल देगे और तुम्हे ऐसे मुकदमा मे फसाएगे कि जीवन भर याद करोगे । तब से मै तथा मेरा परिवार भयभीत है कि कब क्या हो जाएगा । यह चौकी प्रभारी पहले भेलुपुर थाने के अस्सी चौकी प्रभारी रहा वहा भी इनका चरित्र वैसा ही रहा सभी दुकानदारो व नावीक मल्लाहो से पैसे मागते थे शिकायत के बाद लाइन हाजीर हुए फिर लंका थाने के संकट मोचन चौकी प्रभारी हुए यहा भी उनकी यही रवैया नही बदला है। कडे सब्दो मे कहते हैं कि जहा जाना हो जाओ जिससे कहना है कहो मुझे कोई परवाह नही है। अतः माननिय महोदय से प्रार्थना है की उपरोक्त तथ्यो को संग्यान मे लेकर उचित कार्रवाई कि जाए
और हमारे जान माल कि सुरझा पर ध्यान दिया जाय ।

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