18 साल कम उम्र के बच्चे बेच रहे है तंबाकू उत्पाद, नोएडा सेक्टर 107 महर्षि आश्रम

नोएडा समाज जागरण 12 सितंबर 2021

हाल ही में प्रदेश सरकार के द्वारा तंबाकू उत्पाद बेचने को लेकर सख्त कदम उठाने के घोषणा की गई। जिसमें स्कूल के पास तंबाकू के उत्पादो की बिक्रि समेत पूरे प्रदेश में तंबाकू उत्पाद को बेचने वालों को लाईसेसं दिया जायेगा। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि जो दुकानदार तंबाकू बेचेगा, और किसी खाने पीने के चीजे नही बेचेगा, जिसमें बिस्किट और तरल पेय शामिल है। दुकान पर लिखा होना चाहिए कि 18 साल से कम उम्र वालों को बेचना अपराध है।

सवाल यह है कि क्या 18 साल से कम उम्र वाले तंबाकू बेच सकता है ?

नोएडा के 107 महर्षि आश्रम के बीच से एक रास्ता निकला हुआ है जो कि भंगेल रोड बाधित होने के कारण इसी सड़क से सारे ट्रैफिक को निकाला जा रहा है। यहाँ पर तीन पान बीड़ी गुटखा सिगरेट की दुकाने लगी हुई है। जिसमें से एक दुकान पर जहाँ चाय भी बेचे जाते है व्यस्क रहते है, जबकि बांकि के दो दुकान पर नाबालिग बच्चे पूरे दिन बैठकर तंबाकू और सिगरेट बेचने की काम करते है। दुकान पर बैठने वाले बच्चे की उम्र मुश्किल से 10-12 साल है जबकि एक दुकान पर 12 साल की लड़की भी बैठी रहती है। ऐसा भी संभव है कि इन बच्चों के परिजन कही नौकरी पेशा करते है। क्योंकि शाम के समय 6 बजे के बाद कई बार इनके अभिभावक दिख जाते है।

लेकिन बड़ी हैरानी की बात की आज तक किसी बच्चों के लिए काम करने वालों की नजर नही पड़ी है। या यह भी कहे कि कोई इनके लिए काम ही कहाँ करते है। एनजीओ बनाकर सरकार और संस्था से लाखों रूपये डकारने वाली काम किए जाते है।

इसके अलावा इन दुकानदार के पास न तो वेंडर लाईसेंस है और न ही तंबाकू उत्पाद बेचने की लाईसेंस। नाबालिग बच्चे से दुकान और चलवा रहे है। लेकिन नोएडा के शासन प्रशासन को आज तक पर नजर नही पड़ी है। आखिर इन बच्चों का भविष्य क्या होगा ? तंबाकू उत्पाद और सिगरेट की धुएँ में सुगलता इनका बचपन, सवारने की जिम्मेदारी किसकी है ? क्या इन बच्चों को नन्हे परिंदे के तहत नोएडा पुलिस सहायता नही कर सकती है ? हमे उम्मीद है कि नोएडा पुलिस इस खबर के बाद संज्ञान लेगी और बच्चों के भविष्य को सवारने के लिए परिजनों को समझाकर इन बच्चों को स्कूल भेजने की काम करेंगे।

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