बच्चों ने चमकी बुखार/मस्तिष्क ज्वर के बारे में जाना, शिक्षक ने बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति किया जागरुक।

अपने स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग व सचेत : सुनिल कुमार
बच्चों ने कहा – इस गर्मी हम मिल कर देंगे चमकी को धमकी
बगहा ।नीरज मिश्रा
गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग आदि ने अलर्ट एवं कुछ आवश्यक निर्देश जारी किया है। इस तेज धूप/ लू/ गर्म हवाओं से सबसे अधिक छोटे उम्र के बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजगता दिखाते हुए विभाग द्वारा विद्यालयों के संचालन के समय में परिवर्तन करते हुए प्रातःकालीन कर दिया गया है ताकि बच्चे धूप से बच सकें। इधर धूप का प्रकोप भी तेज हो रहा है जिससे स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं सामने आ रही हैं। धूप/ लू/ मस्तिष्क ज्वर/ चमकी बुखार के दुष्प्रभावों से बचने के लिए उत्क्रमित उच्च विद्यालय पचरुखा के शिक्षक सुनिल कुमार ने बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति सजग व सचेत रहने का सुझाव देते हुए उन्हें विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुरुप धूप/ लू/ मस्तिष्क ज्वर/ चमकी बुखार के लक्षण एवं बचाव के तत्कालिक समान्य उपाय बताए। शिक्षक सुनिल कुमार ने कहा कि इस गर्मी में तेज धूप/ लू/ गर्म हवाएं/ मस्तिष्क ज्वर/ चमकी बुखार आदि की अधिक संभावना होती है जिससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके कुछ लक्षण हैं जैसे- सर दर्द, तेज बुखार आना (5-7 दिनों से अधिक नही), अर्धचेतना एवं मरीज में पहचानने की क्षमता नही होना/ भ्रम की स्थिति/ बच्चे का बेहोश हो जाना, बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक संतुलनठीक नही होना,पूरे शरीर या शरीर के किसी अंग में लकवा मार देना या शरीर का अकड़ जाना आदि। इनमे से कोई लक्षण दिखे तो अविलंब सबसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर चिकित्सक के परामर्श से उपचार कराएं। इन दुष्प्रभावों से बचने के लिए समान्य उपचार एवं सावधानी के रुप में हमें/ बच्चों को अनावश्यक धूप में निकलने से बचना चाहिए, बहुत जरुरी हो तो धूप में निकलते समय तेज धूप से बचने के लिए यथासंभव सिर पर गमछा, टोपी या छाते का उपयोग करना चाहिए। शरीर में पानी का स्तर बनाए रखने के लिए अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए। स्वस्थ्य व्यक्ति या अपने बच्चों को समय व परिस्थिति के अनुसार दिन में दो बार स्नान करना चाहिए। गर्मी के दिन में ओआरएस या नींबू-पानी-चीनी का घोल पिलाएं। रात में बच्चों में भरपेट खाना खिलाकर सुलाएं। आपातकाल की स्थिति में निःशुल्क एंबुलेंस सेवा हेतु टॉल फ्री नम्बर 102 डायल करें। बच्चों ने कहा कि हम सभी इन निर्देशों एवं सुझावों का पालन करेंगे तथा इस गर्मी हम मिलकर देंगे चमकी को धमकी।
मौके पर प्रधानाध्यापक उमेश प्रसाद साह, धर्मेंद्र भारती, अभिमन्यु कुमार, महेश कुमार, नरेंद्र पाण्डेय, शक्ति प्रकाश आदि उपस्थित रहे।

Please follow and like us:
%d bloggers like this: