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चन्द्राकोचर को कांग्रेस ने इसलिए तो किया था पद्मभूषण अवार्ड से सम्मानित। राजस्थान बैंक के विलय में भी हुई थी गड़बड़ियां। ===========

चन्द्राकोचर को कांग्रेस ने इसलिए तो किया था पद्मभूषण अवार्ड से सम्मानित।
राजस्थान बैंक के विलय में भी हुई थी गड़बड़ियां।
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जिस चन्द्राकोचर को आज नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार भ्रष्ट और धोखेबाज मान रही है उसी चन्द्राकोचर को वर्ष 2011 में कांग्रेस की सरकार ने पद्मभूषण अवार्ड से सम्मानित किया था। तब कहा गया कि चन्द्राकोचर ने देश के वित्तीय क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आईसीआईसीआई बैंक में रहते हुए चन्द्राकोचर ने कितनी बेईमानियां की, यह तो सीबीआई की जांच के बाद ही पता चलेगा, लेकिन इतना जरूरी है कि यह वही आईसीआईसीआई बैंक है जिसमें 2010 में राजस्थान बैंक का विलय हुआ था। लाभ में चल रही राजस्थान बैंक के विलय पर तब भी आश्चर्य व्यक्त किया गया। चूंकि राजस्थान बैंक को राजस्थान सरकार की बैंक माना जाता था, इसलिए प्रदेशभर में सरकारी भवनों में बैंक की शाखाएं शुरू की गई। आईसीआईसीआई बैंक प्राइवेट होते हुए भी सरकारी सम्पत्तियों का विलय चुपचाप हो गया। राजस्थान बैंक के विलय के बाद ही आईसीआईसीआई बैंक राजस्थान में बड़ा बैंक हो गया। तब किसी ने यह आपत्ति नहीं की कि सरकारी सम्पत्तियां निजी बंैक को क्यों दी जा रही है। सवाल वीडियोकाॅन को 4 हजार करोड़ रुपए के ऋण का नहीं है, बड़ा सवाल सरकारी सम्पत्तियों की लूट का है। पंजाब नेशनल बैंक के महाप्रबंधक के पद से रिटायर हुए वेदमाथुर ने बैंक आॅफ पोलमपुर नाम का एक उपन्यास लिखा। इस उपन्यास में चन्द्राकोचर जैसे चालबाजों की पोल खोली गई है। उपन्यास में बताया गया है कि जो जितना भ्रष्ट अफसर रहा, उसे उतने ही अवार्ड और पदोन्नति मिली। कांगे्रस के शासन में चन्द्राकोचर को पद्मभूषण अवार्ड मिलना यह बताता है कि किस तरह भ्रष्टाचारी सम्मानित हो रहे थे। जांच इस बात की भी होनी चाहिए कि चन्द्राकोचर को किन नेताओं और अफसरों की सिफारिश से पद्मभूषण अवार्ड मिला। ऐसे राजनेताओं और अफसरों पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। सीबीआई को यह भी ध्यान रखना होगा कि चन्द्राकोचर और उसके पति दीपक कोचर कहीं विदेश भाग न जाए। जहां तक वीडियोकाॅन के मालिक वेणुगोपाल धूत का सवाल है तो उनका कोई कसूर नहीं हंै। जब बजार में ईमान बिक रहा हो तो वो व्यापार के नाते खरीदेंगे ही। कार्यवाही उन्हीं पर होनी चाहिए जिन्होंने नियमों के विपरित वीडियोकाॅन को लोन दिया। देखना है कि अब चन्द्राकोचर अपना पद्मभूषण अवार्ड कब लौटती है। बैंक आॅफ पोलमपुर उपन्यास के लेख वेदमाथुर से मोबाइल नम्बर 9588869305 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
एस.पी.मित्तल) (25-01-19)

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