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एक दिन ये हिंदुस्तान गायब हो जायेंगे

*CAA* /////////////////////////// कोलकाता से मुंबई की ओर दुरंतो ट्रेन अपनी स्प्पीड से चल रही ही थी…

*🤔अविद्या🤔*

*एक बार अकबर ने बीरबल से पूछा की बीरबल यह अविद्या क्या है ?* बीरबल ने…

भावुक कर दिया इस घटना ने, असलियत में सम्मान इसे ही कहा जाता है,

दिनांक: 21/12/2019 समय: लगभग 5 बजे स्थान: पीली कोठी, सिविल लाइन्स (मुरादाबाद)। ‘CAA’ के प्रदर्शनों के…

सहोदार भाई

आज बहुत दिनों बाद पिताजी की याद आई… मेरे एक मित्र अपने बड़े भाई में अक्सर…

*मुझे मोदीजी के दो गुण सर्वाधिक आकृष्ट करते हैं।*

😤 🤜🏼 *मुझे मोदीजी के दो गुण सर्वाधिक आकृष्ट करते हैं।* *और ये दोनों एक दूसरे…

#आदतें_नस्लोंकापतादेती__है

एक बादशाह के दरबार में एक अनजान आदमी नौकरी मांगने के लिए हाजिर हुआ काबिलियत पूछी…

दुनिया के कोने कोने मे बिहार बसा है है

*बिहारवासियों की सूर्य के साथ समानता है।* दुनिया का कोई कोना नहीं जहाँ इनकी उपस्थिति नहीं।…

गिद्ध और छोटी लड़की

दोस्तों अगर आप ध्यान से देखों तो शायद आपको यह तस्वीर याद होगा । टेलीवीज़न , रेडियों तथा अखबार मे छपने वाले बहुत चर्चित स्टोरी था। जिसका नाम दिया गया था “The Vulture and the Little Girl”

इस तस्वीर मे एक गिद्ध भूख से मर रही एक छोटी लड़की के मरने का इंतजार कर रहा है। इसे साउथ अफ्रिकन फोटो जर्नलिस्ट केविन कार्टर ने 1993 मे खिचा था। उस समय सुडान भारी अकाल की स्थिति था और लोगों भूखे मर रहे थे या देश छोड़ कर भाग रहे थे। ये लड़की अकेली अपने जीवन और मृत्यु से जुझ रही थी।

इस फोटो को खिचने वाले जर्नलिस्ट केविन कार्टर को इस बेहतरीन फोटोग्राफी के लिए पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। लेकिन इस सम्मान का आनन्द केविन कुछ ही दिन उठा पाए । क्योंकि कुछ ही दिनो बाद केविन 33 साल की उम्र मे अवसाद के कारण आत्महत्या कर लिया।

जानते है क्यों ?

दरअसल जब वे इस सम्मान का जश्न मना रहे थे तो सारी दुनिया में प्रमुख चैनल और नेटवर्क पर इसकी चर्चा हो रही थी । उनका अवसाद तब शुरू हुआ जब एक ‘फोन इंटरव्यू’ के दौरान किसी ने पूछा कि उस लड़की का क्या हुआ? कार्टर ने कहा कि वह देखने के लिए रुके नहीं क्योंकि कि उन्हें फ्लाइट पकड़नी थी* ।

इस पर उस व्यक्ति ने कहा ” मैं आपको बता रहा हूँ *कि उस दिन वहां दो गिद्ध थे जिसमें एक के हाथ में कैमरा था।*” इस कथन के भाव ने *कार्टर को इतना विचलित कर दिया कि वे अवसाद में चले गये और अंत में आत्महत्या कर ली*। किसी भी स्थिति में कुछ हासिल करने से पहले मानवता आनी ही चाहिए । *कार्टर आज जीवित होते अगर वे उस बच्ची को उठा कर यूनाईटेड नेशन्स के फीडिंग सेंटर तक पहुँचा देते जहाँ पहुँचने की वह कोशिश कर रही थी*। *कभी मौका पड़े तो ऐसी परिस्थितियों में फोटो खींचने की जगह उनकी मदद करने की कोशिश करना*

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अच्छा आज 2 अक्टूबर है, बापू के भक्त हो

👹 *तिरिभिन्नाट एक्सप्रेस*👹 *अच्छा आप 2 अक्टूबर की छुट्टी वाले बापू हो..* भिया राम🙏 भोत दिन…

व्हाट्सप से फॉरवर्ड डॉक्युमेंट मान्य नही : दिल्ली हाईकोर्ट

व्हाट्सएप फॉरवर्ड का सबूत नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि व्हाट्सएप पर साझा…

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