गणेश गीता ( गीता भाग ७७)

विश्वनाथ त्रिपाठी कल के भाग में प्राणायाम के प्रकरण में बताया गया था कि १२ अक्षर…

तीन नन्हें सूअरों की कहानी

एक जंगल में तीन नन्हे सूअर अपनी मां के साथ रहते थे। कुछ समय बाद जब…

बदसूरत बत्तख

गर्मियों के दिन थे। शाम के समय एक बत्तख झील के पास ही पेड़ के नीचे…

पुत्र गीता भाग 5

विश्वनाथ त्रिपाठी मेधावी नामक बालक को बता रहा है कि मनुष्य माया मे इतना फंस जाता…

टिटिहरी का जोडा़ और समुद्र का अभिमान

समुद्रतट के एक भाग में एक टिटिहरी का जोडा़ रहता था । अंडे देने से पहले…

वृत्र गीता अंतिम भाग

विश्वनाथ त्रिपाठी भीष्म ने जब नारायण की सत्ता का ज्ञान दिया तब उन्हे वास्तविक आत्मज्ञान हुआ…

वृत्र गीता भाग 23

विश्वनाथ त्रिपाठी उदार चरित महात्मा सनत्कुमार से जब आत्म ज्ञान और परमात्मा से संबंधित बातो को…

नौकरी

शेखचिल्ली की एक अमीर आदमी के यहां नौकरी लग गई। उस सेठ ने उसे अपने ऊंट…

भूतिया कुर्सी

सालों पहले रामनगर गांव के पास के घने जंगल में राजू नामक तांत्रिक रहता था। उसे…

सबसे बड़ी चीज

एक बार की बात है, बीरबल दरबार में मौजूद नहीं थे। इसी बात का फायदा उठा…