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*”पर्यावरण,स्वास्थ्य व भारतीय संस्कृति अनुकूल जन्मदिवस समारोह

*आर्य बन्धु परिवार की एक अनूठी पहल!!* *”पर्यावरण,स्वास्थ्य व भारतीय संस्कृति अनुकूल जन्मदिवस समारोह!!”* सुनने में…

अनासक्त कर्म ही कर्मयोग है

कर्म दो प्रकार के हैं: (1) आसक्त कर्म और अनासक्त कर्म प्रायः मनुष्य आसक्ति के कारण…

कर्म-योग

लोकमान्य तिलक गीता को कर्मयोग शास्त्र मानते हैं गीता में अर्जुन को कर्मयोग का उपदेश दिया…

श्रीमद्भगवद्गीता का अर्थ

भगवद्गीता को ईश्वर संगीत (The Lordl s Song) कहा गया है इसे ईश्वर संगीत इसलिए कहा…

मोक्ष – विचार

उपनिषद् में बतलाया गया है कि आत्मा और परमात्मा में भेददृष्टि ही बंधन का कारण है…

जीव और आत्मा

उपनिषद् के अनुसार ब्रह्म ही परम तत्त्व है बाह्य दृष्टि से ब्रह्म को परम तत्त्व माना…

ब्रह्म विचार

उपनिषदों के अनुसार ब्रह्म ही परम तत्त्व (Ultimate Reality) है वह जगत् का आत्मा है। ब्रह्म…

उपनिषद्

उपनिषद् वैदिक साहित्य का अंतिम भाग (संहिता ब्राह्मण और जायक) है इसे आरण्यक कहा जाता है…

कर्मकांड

कर्मकांड वैदिक यज्ञ ही वैदिक धर्म का आधार हैं। यज्ञ ही सभी कम में श्रेय है…

मंत्र का प्रारंभ ऐसे होता है

नासदासीतो सदासीत तदानीं नासीद्रजो नो व्योमा परो यत् । ‘ ‘ 2 अथति जो कुछ है…