नोएडा भाजपा में जातिवाद, वैश्य समाज को आगामी विधान सभा की टिकट देने की मांग

भाजपा में भी जातिवाद के सूर या फिर यह विपक्षियों की एक चाल है। क्योंकि प्रदेश में फिर से अपनी जमीन तलाश रही पार्टी ऐसा कर सकती है। नोएडा विधान सभा 61 से वैश्य समाज के लिए टिकट कि मांग। भाजपा के राष्ट्रवाद जातिवाद के आगे बौना साबित होगा या फिर राष्टहित में ही फैसला लिया जायेगा। क्या किसी वैश्य समाज को टिकट देने से सभी वैश्य समाज उनके लिए वोटिंग करेंगे? अगर ऐसा ही दूसरे समाज के लोग भी करने लगे तो क्या होगी हिंदुत्व की स्थिति ? क्या वैश्य समाज को किसी और समाज कि वोटों कि जरूरत नही पड़ेगी ? समाजवादी से नागर जी और बहुजन समाज पार्टी से पंडित या दलित को टिकट मिलने पर यह संदेश नही जायेगा कि ब्राह्मण वैश्य को वोट न करे और दलित पंडित को न करें और वैश्य किसी और को वोट न करें। आखिर भारत की राजनीतिक दशा और दिशा क्या होने वाली है ?

क्या चिंतन बैठक में प्रदेश के वर्तमान स्थिति को लेकर चिंतन के बजाय जातीय संकीर्णता पर विचार करना उचित होगा ? सबसे बड़ी बात समाज को काम करने वाला ईमानदार और देशभक्त व्यक्ति चाहिए या फिर दूसरे पार्टियों के तरह संकीर्ण सोच रखने वाले नेता ? विधायक को बदले और अवश्य बदले लेकिन जातीय संकीर्णता में आकर नही बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के साथ मिलकर। अगर भारतीय जनता पार्टी वैश्य समाज में से किसी को टिकट नही देती है तो क्या वैश्य समाज भारतीय जनता पार्टी को वोटिंग नही करेंगे ?

सोमवार 6 सितम्बर 2021, गौतम बुध नगर। साल 2022 के विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू हो गयी है। नोएडा के विधानसभा सीट 61 से इस बार वैश्य समाज भी नोएडा विधानसभा 61 पर अपना दावा ठोक रहा है वैश्य समाज के अनुसार इस विधानसभा में वैश्य समाज के सबसे ज्यादा 170000 वोट हैं और इसी समाज की सबसे ज्यादा अनदेखी हुई है इस बार वैश्य समाज ने ठाना है कि देश के हर एक शहर में जितनी भागीदारी उतनी ही हिस्सेदारी होनी जरूरी है इस को लेकर ही वैश्य समाज मानेगा।

आने वाले रविवार 12 तारीख को नोएडा के अग्रसेन भवन में एक वैश्य चिंतन बैठक रखी गई है आज भी एक सूक्ष्म बैठक की गई थी आज की बैठक में भी समाज के वरिष्ठ व श्रेष्ठ जनों की लगभग 70 से भी अधिक लोगों की उपस्थिति थी इस बैठक पूर्व व मौजूदा अध्यक्ष भी उपस्थित थे 12 तारीख होने वाली बहुत बड़ी बैठक की तैयारी पर चर्चा की गई है अगली 12 तारीख को बैठक में दर्जा प्राप्त मंत्री विकास गुप्ता मुख्य वक्ता होंगे आगे की रणनीति भी बनाई गई क्योंकि मौजूदा विधायक इस क्षेत्र में रहते नहीं हैं।

इस पर शहर में मौजूदा विधायक के खिलाफ शहर में भारी रोष है और 2017 में वैश्य समाज की महिला विधायक विमला बाथम का टिकट काटा गया था इसको लेकर भी शहर में बहुत भारी रोष है क्योंकि मौजूदा विधायक कभी भी व्यस्त समाज से मिलने को तैयार नहीं रहते और न शहर के बारे में जानते हैं शहर की समस्याओं के बारे में नहीं जानते इस शहर में कभी उनको भ्रमण करते नहीं देखा क्या जाए क्योंकि रहते हो यह नहीं उनका आवास दिल्ली में होता है जबकि इस विधानसभा में मौजूदा विधायक को वैश्य समाज ने यह मानकर जिताया था कि वह विधायक नहीं एक मंत्री जी के रूप में काम करेंगे क्योंकि उनके पिता केंद्र में मंत्री हैं इससे जाहिर है कि इस समाज की सबसे ज्यादा अनदेखी हुई है।

अभी तक तो वैश्य समाज से जो एक नाम निकल कर के सामने आ रहा है वह राज कुमार अग्रवाल का आ रहा है अखिल भारतीय अग्रवाल वैश्य मित्र मंडल के महासचिव के रूप में राजकुमार अग्रवाल कार्यरत हैं इस संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष राधा कृष्ण गर्ग नोएडा के प्रतिष्ठित व भामाशाह लोगों में शामिल हैं भाजपा व पूरा शहर और वैश्य समाज राधा कृष्ण के सम्मान में सदैव तत्पर रहता है राधा कृष्ण वह नाम है जो नोएडा में भाजपा की स्थापना करने वालों में गिना जाता है। अग्रवाल मित्र मंडल के पूर्व अध्यक्ष राधा कृष्ण गर्ग हमेशा से शहर में सभी के सर्वप्रिय लोकप्रिय रहे हैं।

और उन्होंने भाजपा को नोएडा शहर में सींचा है अपना समय और धन देकर के इस पार्टी को आगे बढ़ाने में राधा कृष्ण जी का बहुत बड़ा योगदान है संस्था के ही महासचिव राजकुमार अग्रवाल जो पत्रकार हैं इसी शहर में विगत 40 वर्ष से रह रहे हैं और शहर में पत्रकारिता करते हैं और शहर की समस्याओं को अधिकारियों तक पहुंचाते हैं इसलिए अभी तक राजकुमार अग्रवाल का नाम इस विधानसभा 61 में 2022 के लिए चुना जा रहा है राज कुमार ने बताया कि समाज का फैसला जो भी होगा वह सर्वोपरि होगा वैश्य समाज के लिए सभी पार्टियों के द्वार खुले हुए हैं जो भी पार्टी वैश्य समाज को टिकट देगी वह उसी पार्टी से चुनाव लड़ेंगे और पार्टी को भारी मतों से इस शहर में विजयी बनाएंगे।

शब्दवाणी समाचार सोर्स

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