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बुलंदशहर में गोकशी के विरोध में हिंसा, भीड़ से झड़प में इंस्पेक्टर सुबोध सहित दो की मौत

वतन की आवाज बुलंदशहर 03 दिसम्बर 2018: प्रदेश सरकार के गोकशी के खिलाफ सख्ती के बाद भी गौ तस्कर सक्रिय हैं। बुलंदशहर में भी आज गोकशी के खिलाफ लोगों का गुस्सा इतना चरम पर आ गया कि इन लोगों ने कानून हाथ में ले लिया। इसके बाद पुलिस चौकी को फूंकने के साथ पुलिस पर भी हमला किया गया। इसमें एक इंस्पेक्टर ने जान गंवा दी जबकि दारोगा के साथ आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हैं। पथराव में गंभीर रूप से घायल युवक सुमित ने भी दम तोड़ दिया। एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार और आइज रामकुमार भी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं।

गोकशी के अवशेष मिलने पर भड़के
बुलंदशहर में स्याना कोतवाली क्षेत्र के महाव गांव में गन्ने के खेत में बड़े पैमाने पर गोकशी के अवशेष मिलने पर ग्रामीणों के साथ हिंदू संगठनों का आक्रोश फूट गया। यहां घटनास्थल पर पहुंची गुस्साई भीड़ ने अवशेषों को ट्रैक्टर ट्रॉली में भरा और इसके बाद स्याना बुलंदशहर हाईवे स्थित चिंगरावठी पुसिल चौकी के निकट हाईवे पर जाम लगा दिया। यह लोग आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया तो आक्रोशित भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। भीड़ ने पुलिस चौकी में घुसकर तोडफ़ोड़ की और चौकी का सामान बाहर निकाल कर आग के हवाले कर दिया।

credit danik jagran

पुलिस ने की हवाई फायरिंग
गुस्साई भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने इसके बाद हवा में फायरिंग की, जिससे आक्रोशित भीड़ ने स्याना कोतवाल इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह पर हमला बोल दिया। इसमें उनकी मौत हो गई। लाठीचार्ज से गुस्साई भीड़ ने चौकी के बाहर खड़े दर्जनों वाहनों में आग लगा दी।

पथराव में एक युवक सुमित पुत्र अमरजीत निवासी चिंगरावठी भी घायल हो गया जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां उसने दम तोड़ दिया।

@yadavakhilesh
बुलंदशहर में पुलिस व ग्रामीणों के संघर्ष में स्याना कोतवाल सुबोध कुमार सिंह की मौत का समाचार बेहद दुखद है. भावपूर्ण श्रद्धांजलि.

उप्र भाजपा के शासनकाल में हिंसा और अराजकता के दुर्भाग्यपूर्ण दौर से गुज़र रहा है.

इज्तिमा से लौट रहे लोगों को रोका
बिगड़ते हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इज्तिमा में शामिल होकर लौट रहे लोगों के वाहनों को रास्ते में रुकवा दिया, ताकि सांप्रदायिक बवाल न हो सके।
वहां पर भीड़ का रौद्र रूप देख मौके पर सिर्फ आधा दर्जन पुलिसकर्मी ही मौजूद थे। यह लोग भी बाहर से फोर्स आने का इंतजार कर रहे थे और भीड़ गन्ने के खेतों में छिपी हुई थी।

बुलंदशहर में गोकशी के विरोध में हुए बवाल में मारे गए कोतवाल सुबोध कुमार सिंह पुत्र राम प्रताप सिंह निवासी ग्राम परगंवा, थाना जैथरा जनपद एटा के रहने वाले थे। इनके दोनों पुत्र नोएडा में पढ़ते हैं। इनकी पत्नी साथ में रहती थीं।

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