बिहार के IG-SP व एक तत्कालीन DM पर एक्शन की तैयारी, सरकार ने दी सहमति।

पटना(,बिहार प्रभारी) बिहार के दो आईपीएस व एक आईएएस अफसर पर कार्रवाई की तैयारी है। राज्य सरकार से इस संबंध में सहमति भी मिल गई है। बहुत जल्द तीनों अफसरों पर एक्शन होगा। करीब तीन महीने पहले सबूत सामने आने पर तीनों अधिकारियों पर गाज गिरी थी। सरकार ने तीनों को फील्ड पोस्टिंग से हटाकर वेटिंग फॉर पोस्टिंग रखा था। हालांकि आईएएस अफसर जो प्रतिनियुक्ति पर बिहार में थे उन्हें सरकार ने फरवरी महीने में ही पैतृक कैडर में वापस भेज दिया है।
तत्कालीन आईजी-एसपी व डीएम लपेटे में :_
विश्वस्त सूत्रों से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार तत्कालीन आईजी,एसएसपी और डीएम पर कार्रवाई की तैयारी है। सरकार ने फरवरी के पहले हफ्ते में ही आईजी और एसपी को फील्ड पोस्टिंग से हटा दिया था। वहीं तत्कालीन डीएम जिनका कुछ समय पहले जिले से हटाकर पटना में पोस्टिंग की गई थी उन्हें भी हटाकर वेटिंग फॉर पोस्टिंग रखा गया। सबूत के आधार पर कार्रवाई की अनुमति के लिए फाइल सरकार के यहां पहुंची । अब जो खबर है कि राज्य सरकार ने निगरानी विभाग को कार्रवाई का आदेश दे दिया है। बहुत जल्द तीनों पर कार्रवाई होगी।
बता दें, फरवरी महीने में बिहार सरकार ने दो आईपीएस व एक आईएएस अफसर को आनन-फानन में हटा दिया था। आईएएस अफसर कुछ समय पहले तक उसी जिले में तैनात थे, जहां आईजी और एसपी की पोस्टिंग थी। तीनों अधिकारियों पर एक नहीं बल्कि कई गंभीर आरोप थे। आईजी और एसपी के बीच भी भारी टकराव था। टकराव के पीछे की वजह भी अवैध कमाई ही थी। वहीं डीएम पर हथियार का लाइसेंस व शहर की जमीन का अवैध तरीके से बंदोबस्ती के सबूत मिले। सरकार के पास जैसे ही यह सूचना पहुंची इसके बाद मुख्यमंत्री ने तीनो को हटा दिया और वेटिंग फॉर पोस्टिंग रखा। इस बीच कार्रवाई की फाइल सरकार के यहां पहुंची। विश्वस्त आधिकारिक सूत्रों से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार फाइल पर सहमति मिल गई है। अब बहुत जल्द तीनों पर कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि राज्य सरकार को लगातार यह सूचना मिल रही थी कि फील्ड पोस्टिंग में ये तीनों अफसर अवैध धंधे में लगे हैं। बालू-शराब से लेकर जमीन कब्जा के खेल में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी लगे हैं। तत्कालीन डीएम पर तो शहर में करोड़ों की जमीन पर गलत तरीके से किसी खास को लीज या पट्टा करने का भी आरोप है।इसके बाद इंटरनल जांच कराई गई।जांच में आरोप करीब-करीब प्रमाणित पाये गए। इसके बाद ही सभी को रातों-रात हटाकर पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा गया था। हालांकि आईएएस अफसर अब अपने मूल कैडर में लौट गये हैं। सरकार ने उन्हें यहां से त्रिपुरा वापस भेज दी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में 12 फरवरी को ही आदेश जारी कर दिया था। लगभग तीन महीने तक वेटिंग फॉर पोस्टिंग रखने के बाद सरकार ने दोनों आईपीएस अफसरों को हाल ही में पोस्टिंग दी है।

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