हिंदू खिलाफ सबसे बड़ा षड्यंत 2013 संसद में सबसे बड़ा षड्यंत्र _रजिस्टर पत्र

हिंदू खिलाफ सबसे बड़ा षड्यंत 2013 संसद में सबसे बड़ा षड्यंत्र _रजिस्टर पत्र

प्रति सेवा में ,
1. महामहिम राष्ट्रपति जी,
भारत सरकार, नई दिल्ली !
विषय:– इस देश में वक्फ बोर्ड को भंग करके सभी प्रोपर्टियां को किरायेदारों के नाम अलाट करनें संदर्भ मे !
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श्रीमान जी,
सविनय निवेदन है कि जैसा कि आपको विदित है कि वर्ष 1947 में देश के तत्कालीन नेताओं की गलतियों के कारण हिन्दू-सनातन धर्म के लोगों को बरबाद करनें के लिये धर्म के आधार पर इस भारत का बंटवारा किया गया !
उस बंटवारे के दौरान हिन्दू- सनातन धर्म के लोगों को अपनें धर्म की खातिर विश्व की सबसे बडी लगभग 20 लाख लोगों को अपनी जान की कुर्बानी देनी पडी और हिंदुओं को रातों रात भारत के पश्चिमी पंजाब में अपना घर, कारोबार, सब कुछ छोड़ कर जुल्म सहते हुए अपनी जान बचा कर मजबूरन इस दूसरे कोने पूर्वी पंजाब में खाली हाथ आना पड़ा था !
इस देश के बंटवारे की त्रासदी को झेलते हुऐ हिन्दू बुजुर्गों नें असहनीय दुखों को झेला, अत्याचार सहे, घर से बेघर होकर बर्बाद हुऐ, यहां आकर कैम्पों में रहे, मेहनत मजदूरी करके अपना गुजारा किया, हमारे बुजूर्गों, माताओं, बहनों पर घोर अत्याचार किये गये, हमारे बुजुर्ग यहां पूर्वी पंजाब में जहां भी जगह मिली, वहीं पर बस गये और मेहनत मजदूरी करके अपना गुजारा करते रहे !
आज जो मकान, कोठी, फैक्ट्री या कोई भी ओर अन्य प्रोपर्टी जो अपने नाम से रजिस्ट्री होने पर अपने आपको मालिक समझ रहे हैं, वे केवल नशे में हैं, क्योंकि वर्ष 2013 में भारत की संसद में धारा 40 के अनुसार आपको 24 घण्टे में कोई भी प्रोपर्टी खाली करके वक्फ बोर्ड को सौंपनी पड़ेगी, कांग्रेस सरकार ने हिन्दुओं को बर्बाद करने के लिये वर्ष 2013 में यह कानून बना कर तभी लागू भी कर दिया !
मुस्लिम वक्फ एक्ट हिन्दुओं के साथ एक बहुत भयानक षड्यंत्र है, यह एक्ट भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने में कानूनी आसान तरीका है, यह कानून शरिया से भी ज्यादा ख़तरनाक है, यह कानून Parliament jihad का एक नायाब उदाहरण है !
वक्फ एक्ट पर पहला कानून 1923 में बनाया गया था,इसका मकसद केवल यह था कि अगर कोई मुस्लिम अपनी प्रॉपर्टी अल्लाह को देना चाहे, तो वह अल्लाह को दे सकता और उसकी प्रॉपर्टी की देख रेख वक्फ बोर्ड करेगा !
1. वक्फ एक्ट 1954, जिसमें इस एक्ट को कुछ पॉवर दी गई !
2. वक्फ एक्ट 1984 राजीव गांधी के समय में इसमें थोड़ी ओर ज्यादा पॉवर दे दी गई !
3. लेकिन 1995 में नया वक्फ एक्ट 1995 लाया गया, जिसमें वक्फ बोर्ड को बहुत ज्यादा पॉवर दी गई और फिर 2013 में मनमोहन सिंह सरकार ने इसमें संशोधन करके इस एक्ट को ओर भी ज्यादा पॉवर दे दी !
👉🏻 Waqf Act 1995
▪️ Sec (36) & sec (40) –
इस क्लाज़ में लिखा है कि वक्फ बोर्ड किसी भी व्यक्ति की भी प्रॉपर्टी, चाहे वह प्राइवेट हो, चाहे सोसाइटी की हो या फिर किसी भी ट्रस्ट की हो, उसको वक्फ बोर्ड अपनी सम्पत्ति घोषित कर सकता है !
▪️ sec 40 (1):–अगर किसी individual व्यक्ति की प्रॉपर्टी को वक्फ प्रॉपर्टी घोषित किया जाता है तो उसको उस ऑर्डर की कॉपी देने का कोई प्रावधान नहीं है और उस मालिक ने अपनी प्रॉपर्टी को 3 साल के अंदर चैलेंज नहीं किया तो वह प्रॉपर्टी वक्फ बोर्ड की हो जाएगी !
▪️ Sec 52 & sec 54 – जो सम्पत्ति वक्फ संपति घोषित हो जाएगी, उसके बाद वक्फ बोर्ड जिला मैजिस्ट्रेट (डीएम) को ऑर्डर देगा कि कब्जा हटाया जाए और डीएम उसके ऑर्डर का पालन करने के लिए बाध्य होगा !
▪️ Sec 4, 5, 6 & 7 – वक्फ बोर्ड जिस संपति को अपनी बोलेगा, उसका राज्य सरकार सर्वे करेगी और सर्वे का खर्चा राज्य सरकार वहन करेगी और इसके कोई मापदंड भी तय नहीं हैं, कोई नोटिफिकेशन, ऑब्जेक्शन, कोई प्रक्रिया तय नहीं है, सर्वे के बाद सर्वे कमिश्नर वक्फ बोर्ड को सूचित करेगा और इसके बाद वक्फ बोर्ड उसको अपनी सम्पत्ति घोषित कर सकता है और अगर किसी को एतराज है, तो उसे वक्फ ट्रिब्यूनल में जा कर अपील दर्ज़ करानी होगी !
वक्फ बोर्ड ट्रिब्यूनल के कंपोजिशन बारे जानिये !
1. Judicial member,
2. Executive member,
3. Muslim scholar,
▪️ Sec (6) में 1995 के एक्ट में word था, Person Interested, अगर किसी मुस्लिम को लगता है कि उसकी प्रॉपर्टी गलत तरीके से एड हो गई, तो सर्वे ऑफिसर के द्वारा तो वो उसको वक्फ ट्रिब्यूनल में चैलेंज कर सकता है, मगर वर्ष 2013 में मनमोहन सिंह पूर्व प्रधानमंत्री जी व उनकी सरकार ने एक चालाकी करके इसकी जगह पीडित व्यक्ति कर दिया, यह बहुत ही ख़तरनाक है !
▪️ Sec 28 & sec 29:– वक्फ बोर्ड का जो ऑर्डर होगा, उसका पालन स्टेट मशीनरी व डीएम को करना होगा !
वक्फ बोर्ड के कंपोजिशन क्या है, जानिये !
▪️इसमें एक चेयरमैन होगा, एक इलेक्टोरल कॉलेज होगा, जिसमें दो मुस्लिम व्यक्ति होंगे, जो मुस्लिम एमपी, एमएलए के द्वारा चुने जाएंगे, बार काउंसिल के मेंबर भी केवल मुस्लिम ही होंगे, एक मुस्लिम टाउन प्लांनिंग का मेंबर होगा और एक ज्वाइंट सेकेट्री होगा !
▪️ Sec (9):– इसके तहत एक वक्फ काउंसिल बना हुआ है, जिसके लिए एक मिनिस्ट्री इंचार्ज ऑफ minority affairs, उसका एक्स ऑफिसर चेयरमैन होगा, जो वक्फ बोर्ड के adminstration के लिए सरकार को सलाह देगा !
▪️ Sec (85):–इसके तहत अगर कोई मामला वक्फ से संबंधित है तो आप दीवानी कोर्ट में दावा दायर नहीं कर सकते, आप केवल वक्फ ट्रिब्यूनल में जाने के लिए बाध्य होंगे और वक्फ ट्रिब्यूनल की कंपोजिशन ख़तरनाक है और इसमें पॉलिटिकल अफेयर काम करेगा, क्योंकि इसमें एक ब्यूरोक्रेट बैठा है, तो बहुमत फैसला 2 – 1 से हो जायेगा !
▪️ Sec (89):– इसमें अगर आप सिविल कोर्ट जाना चाहते हैं, तो आपको वक्फ बोर्ड को दो महीने का पहले नोटिस देना पड़ेगा !
▪️ एसोसिएशन ऑफ आंध्र प्रदेश सैफा नाजिम V/S यूनियन ऑफ इंडिया 2009, वक्फ बोर्ड के पास 4 लाख एकड़ प्रॉपर्टी है, अब तक वक्फ ने 6,59,877 एकड़ प्रॉपर्टी को वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर दिया गया है ! यकीन न हो तो किसी वकील से तसल्ली कर लेंवें ।
अतः आपसे निवेदन है कि आप देश के संविधान में थोडा सा संशोधन करनें बारे समुचित कानूनी कार्यवाही करके वक्फ बोर्ड को भंग किया जावे।
आपकी अति कृपा होगी

नोट:– आप सभी से निवेदन है कि कृपया यह पत्र अपने शहर में अपने संगठन का नाम (xyz)व अपना पद अपना पूरा पता टाइप करवा कर महाहिम राष्ट्रपति जी, प्रधानमंत्री जी, गृहमंत्री जी, भारत सरकार व प्रत्येक राज्य के मुख्यमंत्री को जरूर भेजें व अखबारों में भी देंवें, ताकि पूरे देश के हर कौने से यह अपील भारत सरकार तक पंहुच सके।
अखंड सनातन सुरक्षा संघ

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