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*”भारतीय नववर्ष, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रमी संवत् २०७६ (६ अप्रैल २०१९)” की आप सभी को अग्रिम हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ ।*

*चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का ऐतिहासिक महत्व :*

*१.* इसी दिन के सूर्योदय से ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की।

*२.* सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन राज्य स्थापित किया। इन्हीं के नाम पर विक्रमी संवत् का पहला दिन प्रारंभ होता है।

*३.* प्रभु श्री राम के राज्याभिषेक का दिन यही है।

*४.* शक्ति और भक्ति के नौ दिन अर्थात् नवरात्र का पहला दिन यही है।

*५.* सिखो के द्वितीय गुरू श्री अंगद देव जी का जन्म दिवस है।

*६.* स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने इसी दिन आर्य समाज की स्थापना की एवं कृणवंतो विश्वमआर्यम का संदेश दिया |

*७.* सिंध प्रान्त के प्रसिद्ध समाज रक्षक वरूणावतार भगवान झूलेलाल इसी दिन प्रगट हुए।

*८.* विक्रमादित्य की भांति शालिवाहन ने हूणों को परास्त कर दक्षिण भारत में श्रेष्ठतम राज्य स्थापित करने हेतु यही दिन चुना। विक्रम संवत की स्थापना की ।

*९.* युधिष्ठिर का राज्यभिषेक भी इसी दिन हुआ।

१० संघ संस्थापक प पू डॉ केशवराव बलिराम हेडगेवार का जन्म दिन ।

११ महर्षि गौतम जयंती

*भारतीय नववर्ष का प्राकृतिक महत्व :*

*१.* वसंत ऋतु का आरंभ वर्ष प्रतिपदा से ही होता है जो उल्लास, उमंग, खुशी तथा चारों तरफ पुष्पों की सुगंधि से भरी होती है।

*२.* फसल पकने का प्रारंभ यानि किसान की मेहनत का फल मिलने का भी यही समय होता है।

*३.* नक्षत्र शुभ स्थिति में होते हैं अर्थात् किसी भी कार्य को प्रारंभ करने के लिये यह शुभ मुहूर्त होता है।

*भारतीय नववर्ष कैसे मनाएँ :*

*१.* हम परस्पर एक दुसरे को नववर्ष की शुभकामनाएँ दें। पत्रक बांटें , झंडे, बैनर….आदि लगावे ।

*२.* आपने परिचित मित्रों, रिश्तेदारों को नववर्ष के शुभ संदेश भेजें।

*३ .* इस मांगलिक अवसर पर अपने-अपने घरों पर भगवा पताका फेहराएँ।

*४.* आपने घरों के द्वार, आम के पत्तों की वंदनवार से सजाएँ।

*५.* घरों एवं धार्मिक स्थलों की सफाई कर रंगोली तथा फूलों से सजाएँ।

*६.* इस अवसर पर होने वाले धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लें अथवा कार्यक्रमों का आयोजन करें।

७ प्रतिष्ठानों की सज्जा एवं प्रतियोगिता करें । झंडी और फरियों से सज्जा करें ।

८ इस दिन के महत्वपूर्ण देवताओं, महापुरुषों से सम्बंधित प्रश्न मंच के आयोजन करें

९ वाहन रैली, कलश यात्रा, विशाल शोभा
यात्राएं कवि सम्मेलन, भजन संध्या , महाआरती आदि का आयोजन करें ।

१० चिकित्सालय, गौशाला में सेवा, रक्तदान जैसे कार्यक्रम ।

*आप सभी से विनम्र निवेदन है कि “भारतीय नववर्ष” हर्षोउल्लास के साथ मनाने के लिए “समाज को अवश्य प्रेरित” करें।*
* धन्यवाद *
🚩 भारतमाता की जय

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