युवराज दत्त महाविद्यालय में शिक्षा विभाग के द्वारा धर्म जाति लिंग एवं दिव्यांगता आधारित भेदभाव विषय पर ब्रेन स्टॉर्मिंग सत्र का हुआ आयोजन

सर्वेश शुक्ला ब्यूरो
आपको बताते चलें कि लखीमपुर खीरी के युवराज दत्त महाविद्यालय के शिक्षक शिक्षा विभाग में धर्म, जाति, लिंग एवं दिव्यांगता आधारित भेदभाव विषय पर ब्रेन स्टार्मिंग सत्र (Brain sharming) का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हेमन्त कुमार पाल एवं शिक्षक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल द्विवेदी के द्वारा सरस्वती माँ के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रयाश गुप्ता, उजमा चौधरी एवं सौम्या मिश्रा द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। इस कार्यक्रम में बी०एड० छात्र करुणेश त्रिवेदी ने लैंगिक समानता तथा आशीष ● त्रिवेदी ने दिव्यांगों के प्रति सामान्य कर्तव्यों की व्याख्या की इसी क्रम में आलोक बाजपेयी ने धार्मिक भेदभाव, रुचि वर्मा ने जाति आधारित भेदभाव, विमलेश कुमार, निखिल चन्द्र जैनव अंसारी ने लैंगिक भेदभाव पर चर्चा की। कार्यक्रम में इतिहास विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. नूतन सिंह ने एल० जी० बी०टी० क्यू० समुदाय की समस्याओं एवं सम्भावित समाधानों पर प्रकाश डाला।अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ ज्योति पंत ने लैंगिक भेदभाव के कारणों पर चर्चा की। राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ० संजय कुमार ने अध्यापको के उनके नैतिक मूल्यों से अवगत कराते हुए • समाज निर्माण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला |

दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ सुभाष चन्द्रा ने धर्म के व्यापक अर्थों को स्पष्ट करते हुए कहा कि मनुष्य निर्माण और सर्वत्र सुख शांति के साथ सहजीवन धर्म का कारक तत्व है।सामासिक अर्थ सन्दर्भ में मानवतावादी धर्म प्रासंगिक है। इस अवसर पर बी० ए० विभाग के डॉ० सत्यभाग ने लैंगिक विभेदीकरण एवं बी० एड विभाग के ही डॉ. मनोज मिश्र ने दिव्यांगों से होने वाले भेदभाव पर चर्चा करते हुए समावेशी शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया ।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० हेमन्त कुमार पाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि अतीत की गठरी ढोने से अच्छा है कि हम अपने वर्तमान में जिये, इतिहास से सीखते रहें और वर्तमान में उन अनुभवों का अपने जीवन में प्रयोग करें । कार्यक्रम के अन्त में बी०एड० विभागाध्यक्ष डॉ० विशाल द्विवेदी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए श्रीमद्भागवत गीता के ‘अभेद दर्शन’ को आत्मसात करने की बात कही जिससे कि प्राणी मात्र को एक समान दृष्टि से देखा जा सके ।

कार्यक्रम का कुशल संचालन बी०एड० द्वितीय वर्ष के छात्र अशोक चौधरी एवं छात्रा अमरजीत कौर ने किया। इस अवसर पर बी०एड० प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के समस्त छात्र छात्राएं उपस्थित रहे ।

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