बार मे बाउण्सर पर रोक सराहनीय पहल: अनिल के गर्ग

समाज जागरण नोएडा

बार में बाउण्सर का भी शायद उतना ही महत्व है जितना कि डांसर की। क्योंकि दोनों ही अहम रोल प्ले करते है। एक झुमने और अधिक पीने के लिए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए है तो दूसरा पीने के बाद गिरे-परे या फिर झगड़ा करने वाले झगड़ालू ग्राहक को उठाकर बाहर के रास्ता दिखाने के लिए। क्योंकि आये दिन बार रेस्तरां और पब से यह शिकायते मिलती रहती है कि मार-पीट और छेड़खानी की। एक तरह से बाउण्सर को प्राइवेट गुंडे या फिर बार के सुरक्षाकर्मी कह सकते है। अब जबकि नोएडा पुलिस औऱ आबकारी विभाग ने एक्शन लेते हुए सभी बार संचालकों को सख्त चेतावनी दी है कि अगर कोई बार संचालक बाउण्सर रखेगा तो उसका लाइसेंस निरस्त किया जायेगा।

नोएडा शहर के वरिष्ठ नागरिक व अधिवक्ता श्री अनिल के गर्ग ने बार में बाउण्स प्रतिबंधित होने पर नोएडा पुलिस, आबकारी विभाग, व मिडिया को धन्यवाद दिया है। श्री गर्ग के द्वारा लिखे एक मैसेज में उन्होंने लिखा है कि यह एक गंभीर समाजिक मुद्दे है जिस पर नोएडा पुलिस कमीशनर नें त्वरित कार्यवाही किया है इसके लिए मै उनका आभार प्रकट करता हूँ, इसके साथ ही उन समाचार पत्रों को भी धन्यवाद देता हूँ जिन्होनें मेरा सहयोग किया और समाज के इस ज्वलंत मुद्दे को आगे पहुँचाया।

बताते चले कि नोएडा सेक्टर 38 ए गार्डने गलेरिया में लस्ट लेमन बार में हुए हत्या के बाद नोएडा पुलिस कमीशनर व योगी सरकार समेत समस्त संबंधित महकमें को एक पत्र लिखकर सख्त एक्शन लेने की मांग की। पत्र में उन्होने कई मुद्दा शामिल किया जिसमें से बार में बाउण्सर रखने पर उन्होने कड़ी आपति जताया। उनका कहना था कि बार में रखे जाने वाले बाउण्सर का सत्यापन कौन करता है ? आखिर पुलिस इसकी जिम्मेदारी क्यों नही लेती है। इन सबका सत्यापन होना चाहिए, इसके साथ ही बार या रेस्तरा में आने जाने वालों के लिए एक रजिस्टर होने चाहिए। इस सुझाव को विशाल इंडिया, वतन की आवाज और समाज जागरण नें बड़ी प्रमुखता से स्थान दिया। खबर का ऐसा असर हुआ कि बार मे बाउण्सर रखने पर ही प्रतिबंध लगा दी गई है। जिसको की शहर के दूसरे समाचार पत्रोंं में बड़ी प्रमुखता के साथ स्थान दिया है।

अब सवाल उठता है कि आखिर अब तक बाउण्सर रखने के लिए बार मालिक किस नियम का पालन करते थे। क्या बाउण्सर रखने पर प्रतिबंध लगाने के बाद क्राइम को रोका जा सकेगा। क्योंकि पीने और खाने के बाद बवाल को होना जगजाहिर है उस समय में बार संचालक औऱ दूसरे लोगों को सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी ? क्या नोएडा पुलिस या फिर कोई भी जनपद हो इसकी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है ? संभवत: हजारों के संख्या में बाउण्सर पब/बार और माल मे नौकरी कर अपने परिवार के पेट भरते है उनका क्या होगा ? आने वाले समय में कोई दूसरा बृजेश राय न बने इसके लिए उठाये गए कदम कितना प्रभावी होगा यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा , लेकिन एक झटके में सैकड़ों के संख्या में बेरोजगार हुए बाउण्सर के सामने रोजी रोटी के सवाल जरूर खड़े हुए है। क्या प्रदेश के योगी सरकार के लिए यह संभव नही है कि शराब पीने पर ही बैन लगा दे ? महिलाएँ सबसे ज्यादा दुखी होती है जब उसके परिवार में कोई पीकर उल्टे सीधे हरकत करता है। योगी सरकार को राजस्व बढ़ाने के बजाय एक बार इस पर जरूर सोचन विचार करने की आवश्यकता है, क्या राम राज्य दारू के राजस्व के बीना संभव नही है ?

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