नोएडा में अतिक्रमण माफिया के सामने प्राधिकरण नतमस्तक, मिडिया पर हमला निंदनीय : श्याम किशोर गुप्ता

समाज जागरण

नोएडा में रेहड़ी पटरी माफियाओं का दुस्साहस अब इतना बढ़ गया है कि अतिक्रमण के कवरेज करने वाले पत्रकार पर ही हमले करने लगे है। नोएडा सेक्टर 62 रजत विहार के बाहर संचालित अवैघ फल मंडी को कवरेज करने गए दैनिक जागरण के पत्रकार पर अतिक्रमणकारियों ने शनिवार को जानलेवा हमला कर दिया। नोएडा में हालत यह है कि जिन लोग को लाइसेंस दिए गए है प्राधिकरण और पुलिस उन्ही लोगों पर डंडा चलाती है, जबकि नोएडा में 15 हजार से ज्यादा रेहड़ी पटरी और ठेली अवैध तरीके से लग रहे है। प्राधिकरण के अनुसार अभी तक 5 हजार लोगों को ही लाइसेंस दिए गए है जबकि नोएडा में अलग अलग ग्रुप में बंटे लगभग 25 हजार से ज्यादा ठेली पटरी की दुकान लग रहे है। 5 हजार दुकान ऐसे भी है जो कि किराये से लग रहे है यानि कि मालिक कोई औैर है ठेली पर खड़ा व्यक्ति कोई और है। लेकिन सबके सामने प्राधिकरण और नोएडा के पुलिस नतमस्तक है।

बताते चले कि नोएडा में ठेली पटरी माफिया के व्यवसायी भी खुब फल-फूल रहे है। वेंडिग जोन में जगह दिलाने से लेकर मन मर्जी जगह पर ठेली लगवाने के लिए दलाल खुब पैसे वसूल रहे है। इसमें अगर को बेचारा है तो शऱीफ पथ विक्रेता है जो कि लाइसेंस भी लिया हुआ है और धक्का भी उसे ही खाना पड़ता है।

रेहड़ी पटरी संचालक वेलफेयर ऐसोसिएसन के अध्यक्ष श्री श्याम किशोर गुप्ता नें पत्रकार पर हुए हमले पर कड़ा एतराज जताया है और दोषियों को सख्त से सख्त देने की मांग की है। उन्होने कहा है कि आज हमें पत्रकार के कारण ही वेंडिंग जोन मिला है। पत्रकार हम लोगों के लिए हमेशा आवाज उठाते रहे है और सत्ता तक पहुँचाते रहे है और हम लोग उन पर ही हमला करने लगेंगे तो हमारे लिए कल कौन खड़ा होगा।

असल में रजत विहार के बाहर कई वर्षों से अवैध फल मंडी संचालित है। इससे यहाँ से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। दैनिक जागरण नें एक अभियान छेड़ी हुई है यह फुट-पाथ हमारा है इसी अभियान के तहत पत्रकार कवरेज करने पहुँचे थे। शुक्रवार को अतिक्रमण की बड़ी कार्यवाही की गई और तमाम सारे दुकाने हटाई गयी, लेकिन शनिवार को फिर उसी स्थान पर लोगों ने अपना दुकान जमा लिया।

जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

नोएडा प्राधिकरण नें इस घटना को संज्ञान में लेते हुए आनन फानन में अधूरी कार्यवाही तो कर दी, लेकिन सवाल यही उठता है कि आखिर क्या यह अतिक्रमण की हालात सिर्फ नोएडा के रजत विहार की है। पूरी नोएडा की यही हालत है तो फिर उसके लिए जिम्मेदार कौन है ? आज रजत विहार में हमला किया गया कल अगर दूसरी जगह भी हमले होते है तो क्या प्राधिकरण में बैठे शीर्ष पदस्थ अधिकारी और अफसर इसके लिए जिम्मेदारी लेंगे या पिर जेई को तत्काल हटाने से ही समस्या का समाधान हो गया। एक आफिस में काम करने वालों को दो दिन बाद पत लग जाते है कि एक नया दुकान खुला है वहाँ पर पराठे बड़े अच्छे मिलते है तो प्राधिकरण वालों को क्यो पता नही चलते है ? अब तो प्राधिकरण के टवीटर हैंडल भी लोगों को गुमराह करने लगी है। आखिर नोएडा सेक्टर 27 के अतिक्रमण को क्यों नही हटायी जा रही है ?

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