आंदोलन का दूसरा नाम राम प्रसाद राउत हैं ।

प्रदीप कुमार कुमार
मधुबनी जिला मुख्यालय के ठीक सामने बाबा भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के बगल में लोकतंत्र बचाओ आंदोलन आज 42 वा दिन भी जारी रहा और मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा l *आंदोलन का दूसरा नाम है राम प्रसाद राऊत*
लोकतंत्र बचाओ आंदोलन को संबोधित करते हुए दल के प्रदेश अध्यक्ष राम प्रसाद राऊत ने कहा कि आज आंदोलन का 42 वा दिन होने जा रहा है l बिहार में लोकतंत्र की परिभाषाएं बदल गई है, लोग शब्द विलुप्त होता जा रहा है l सिर्फ तंत्र शब्द रह गया है, सुबे बिहार में सिर्फ तंत्र हावी हो गए है l लोकतंत्र के बजाय प्रशासन तंत्र कहना ज्यादा उचित होगा, कैसे बचेगा हमारा लोकतंत्र संविधान की रक्षा के लिए लोकतंत्र बचाने की जरूरत है,यह हम सबों की जिम्मेदारी है l बिहार में आम जनता से लेकर जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनी जा रही है l बिहार सरकार के मंत्री प्रशासन तंत्र के सामने असहज महसूस कर रहे हैं,सिर्फ नाम के मंत्री हैं, पावर कुछ भी नहीं है l नीतीश कुमार के कुछ चहेते मंत्री को ही तरजीह दी जा रही है l सुबे बिहार में कोहराम मचा हुआ है, बिहार में आंदोलनकारी पस्त हो रहे हैं l लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही है, शराब के नशे से ज्यादा नशा सरकार एवं प्रशासन के लोगों के पास है जो लोकतंत्र बचाओ आंदोलन का बिल्कुल ही संज्ञान नहीं लिया जा रहा है lयह संविधान एवं लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है
दल के प्रदेश अध्यक्ष राऊत ने कहा कि 25 अप्रैल को बाइक रैली, 30 अप्रैल को सड़क जाम,01 मई को मजदूर दिवस कार्यक्रम का आह्वान किया गया है,इसे सफल बनाने की जरूरत है, 25 अप्रैल को ही करो या मरो का नारा देते हुए जेल भरो आंदोलन का भी शंखनाद करेंगे जिसकी सारी जवाबदेही सरकार एवं प्रशासन की होगी, ना रुकेंगे ना टूटेंगे, और ना ही झुकेंगे l जब तक ग्राम रक्षा दल की मांगे पूरा नहीं किया जाता है तब तक यह आंदोलन अपनी चट्टानी एकता के साथ जारी रहेगा, किसी भी कीमत पर लोकतंत्र बचाओ आंदोलन स्थल से पीछे नहीं हटेंगे, इस कार्यक्रम में दल के प्रदेश महामंत्री विजय कुमार साह, जिला सचिव गुप्ता राजा बाबू, जिला उप निरीक्षक राकेश पासवान, हरीनाथ पासवान, राजकुमार पासवान, बबलू साफी, पवन कुमार यादव, देवेंद्र कुमार, लाल यादव,सुमन कुमार महतो, रंजीत पासवान राजू कामत, मोहम्मद असलम, हृदय साफी सहित दर्जनों की संख्या में लोकतंत्र बचाओ आंदोलन स्थल पर उपस्थित थे l

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