बेसिक मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने निकाला अधिकार यात्रा

नोएडा समाज जागरण 2

उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ से जितना काम कराया जा रहा है उसके बदले में जो मानदेय दिया जाता है। आज के दौर में शून्य की श्रेणी में है बढ़ती हुई महंगाई से आम जनता के साथ सभी लोग पीड़ित हैं। जैसा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 4500 रूपये मानदेय सहायिकाओं को 2250 रूपए मानदेय दिया जाता है। जबकि सरकार के सबसे कठिन काम को यही समूह पूरे भारतवर्ष में पूरी ईमानदारी निष्ठा के साथ करतीं हैं।

जैसा पिछले सालों में जब कोरोनावायरस महाविनाशक बीमारी से देश ग्रस्त था अपनों ने अपनो को मरने के लिए छोड़ दिया तब केवल देश की सुरक्षा अखंडता संप्रभुता को बनाए रखने में उनके जीवन की सुरक्षा करने में सबसे पहले पायदान पर रहकर सबसे महत्वपूर्ण योगदान दिया। ख़ुद को न्यौछावर कर दिया अनेकों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने जीवन की आहूति देश के नागरिकों को सुरक्षित रखने में दी मगर जो लोग सरकार का दायित्व नहीं निभाते उनको सैलरी लाखों रुपए तनख्वाह महीने की मिलती है।

मगर उन्होंने भी देश को बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को बचाने से मना कर दिया चाहे नौकरी से निकाल दो मगर हम देशवासियों की सुरक्षा नहीं करेंगे मगर तनख्वाह पूरी ली और आंगनबाड़ियो को इतने पैसे में महंगाई के दौर में राशन भी नहीं खरीद पाते गैस सिलेंडर भी नहीं खरीद पाते कपड़े इलाज किराया तो दूर की बात है। हम सरकार से मांग करते हैं कि हमें भी सरकार के काम के हिसाब से तन्खाह दी जाए फंड ई. एस. आई. जीवन बीमा पेंशन योजना लागू किया जाए।

प्री प्राइमरी शिक्षिका कर्मचारी घोषित किया जाए जिन आंगनवाड़ियों को कोरोनावायरस महाविनाशक बीमारी से देश के नागरिकों को सुरक्षित रखने में जान गंवाई उनके आश्रितों को नौकरी दी जाए इन्हीं मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार तत्काल प्रभाव से लागू करें इसके लिए लखनऊ में माननीय मुख्यमंत्री महोदय उत्तर प्रदेश सरकार को संज्ञान में लाने के लिए लखनऊ में आंगनवाड़ी अधिकार यात्रा की आयोजन किया गया है जो कि 04.10.2021 को लखनऊ में माननीय मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन दिया जाएगा

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