सम्राट मिहिर भोज के जाति को लेकर क्यों छिड़ी बहस, जाति नही हिंदू सम्राट थे भोज

नोएडा समाज जागरण 18 सितंबर 2021

अखिल भारतीय क्षत्रीय महासभा नें सम्राट मिहिर भोज के नाम में गुर्जर जोड़ने का किया विरोध। सेक्टर 29 मिडिया क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में महासभा नें कहा कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर क्षेत्र से उत्पन्न हुए थे और यह सिर्फ स्थानवाचक शब्द है। इसलिए हम क्षत्रिय समाज चाहते है कि उनके नाम के आगे लगाये जा रहे गुर्जर नही लगनी चाहिए। उन्हे हिंदू सम्राट के नाम से पुकारा जाना चाहिए न कि किसी एक जाति विशेष के नाम से। हम लोग पहले भी इस बारे में कई ज्ञापन दे चुके है। उनको गुर्जराधिपति का उपाधि दिया गया क्योंकि उस क्षेत्र के राजा थे। गुर्जर क्षेत्र से और भी जातियाँ उत्पन्न हुए , जिनमें गुर्जर ब्राह्माण, गुर्जन जैन, गुर्जर सुथार और गुर्जर बढ़ई शामिल है।

महासभा नें प्रदेश के योगी सरकार और केन्द्र से मांग की है कि उनके नाम में गुर्जर ना जोड़ा जाय। उनके साथ हिंदू सम्राट जोड़ देना चाहिए। किसी जाति का नाम जोड़कर आप उनकों सिर्फ उन जातियों का सम्राट बना रहे है जबकि सम्राट मिहिर भोज तो सभी का राजा थे। इसके अलावा महासभा नें उत्तर प्रदेश में क्षत्रीय युवाओं के साथ नौकरी में हो रहे भेटभाव पर भी योगी सरकार को चेताया। आरक्षण को लेकर महासभा नें कहा कि हम चाहते है कि जिसकों नौकरी चाहिए उसे दे सरकार। आरक्षण जाति को लेकर ना हो आरक्षण गरीबी के आधार भी हो। श्री महेन्द्र सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा नें कहा कि दुनिया के किसी देश में जातिगत आरक्षण नही है। जातिगत आरक्षण से देश टुटता है।

बता दे कि आगामी 22 सितंबर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सम्राट मिहिर भोज के प्रतिमा का अनावरण करेंगे। बताया जा रहे है कि इस कार्यक्रम को गुर्जर समाज के द्वारा आयोजित किया जा रहा है। जिस पर करणी सेना और क्षत्रिय महासभा और दूसरे संगठन नें भी कड़ी नाराजगी जाहिर किया है। उनका कहना है कि हम लोग इसका लगातार विरोध कर रहे है और करते रहेंगे। लेकिन हमारा विरोध तोड़-फोड़ करने वाला नही होगा, क्योंकि हम लोग इसमें विश्वास नही रखते है।

क्षत्रिय समाज ने प्रतिमा की शिला पट्टिका से गुर्जर शब्द हटाने की मांग करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है. क्षत्रिय समाज के लोगों का कहना है कि अगर शिला पट्टिका से गुर्जर शब्द को नहीं हटाया गया तो क्षत्रिय समुदाय के लोग पूरे देश में आंदोलन करेंगे.

क्या है मामला
दरअसल बीती 8 सितंबर को ग्वालियर नगर निगम द्वारा शिवपुरी लिंक रोड पर सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा स्थापित की गई. इस प्रतिमा का अनावरण ग्वालियर से सांसद विवेक नारायण शेजवलकर और कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने किया।। इस प्रतिमा की शिला पट्टिका पर गुर्जर सम्राट मिहिर भोज लिखा हुआ है। जिस पर क्षत्रिय समाज ने आपत्ति दर्ज कराई है। क्षत्रिय समाज के लोगों का दावा है कि राजा मिहिर भोज गुर्जर नहीं थे। साथ ही उन्होंने कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाओं के अनावरण के समय उनकी जाति का उल्लेख करना भी ठीक नहीं है। अब योगी आदित्यनाथ उसी बात को दोहराने जा रहे है 22 सितंबर को जब प्रतिमा का अनावरण करेंगे।

Please follow and like us:
%d bloggers like this: