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अजमेर के कांग्रेसी कैसे है? यह मैं अच्छी तरह जनता हंू-सीएम गहलोत। फीडबैक में फीलगुड कराया। दीपक हासानी ने उठाया सिंधियों के सम्मान का मुद्दा। दुग्ध उत्पादकों अनुदान की मांग।

अजमेर के कांग्रेसी कैसे है? यह मैं अच्छी तरह जनता हंू-सीएम गहलोत।
फीडबैक में फीलगुड कराया। दीपक हासानी ने उठाया सिंधियों के सम्मान का मुद्दा। दुग्ध उत्पादकों अनुदान की मांग।
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राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने लोकसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए जिलावार कांग्रेसियों से मिलने का जो सिलसिला शुरू किया है, उसमें 16 जनवरी को अजमेर के कांग्रेसियों से भी मुलाकात की। अजमेर के कोई पांच सौ कांग्रेसियों से सायं पांच बजे मुलाकात होनी थी, लेकिन यह मुलाकात रात 8 बजे से शुरू हुई। हालांकि इससे पहले सीएम हाउस में शानदार चाय नाश्ते का इंतजाम कर दिया था। यानि फीडबैक से पहले कांग्रेसियों को सत्ता में होने का अहसास करा दिया गया। सीएम गहलोत ने मुस्कुराते हुए कहा कि अजमेर के कांग्रेसियों को मैं तीस वर्षों से जानता हंू। यहां के कांग्रेसी हमेशा चर्चा में रहते हैं। हालांकि गहलोत ने सीधे तौर पर कोई नाराजगी नहीं जताई, लेकिन प्रतीत हो रहा था कि अजमेर में विधानसभा चुनाव में कांगे्रस उम्मीदवारों की हार का सीएाम को अफसोस है। अजमेर में 8 में से 6 सीटों पर कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। गहलोत ने प्रभारी मंत्री प्रमोद जैन की ओर इशारा करते हुए कहा कि अच्छा है आप अजमेर में घुल मिल गए हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि अजमेर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट द्वारा नियुक्त अध्यक्ष ही हैं और सरकार बनने से पहले तथा बाद में भी जिला कांग्रेस कमेटियां अशोक गहलोत का फोटो लगाने से परहेज करती हैं। किसी भी समारोह के मंच के बैनर पार सिर्फ पायलट का ही फोटो होतो है। इसे गहलोत का बड़ा दिल ही कहा जाएगा कि फोटो से परहेज करने वाले अजमेर के कांगे्रसियों को भी सीएम हाउस में सत्ता का अहसास करवाया। गहलोत ने अजमेर के कांग्रेसियों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया।
नाम और जाति बताने पर रोक:
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बुलाई बैठक में प्रदेशाध्यक्ष पायलट ने यह भी कह दिया कि कोई नेता कार्यकर्ता लोकसभा चुनाव के उम्मीदवार और जाति का उल्लेख नहीं करे। बैठक में शहर और देहात कांगे्रस कमेटियों के अध्यक्ष क्रमशः विजय जैन और भूपेन्द्र सिंह राठौड़ ने कोई विचार नहीं रखे और न ही किसी बड़े नेता ने कोई सुझाव दिया। अलबत्ता प्रदेश कार्य समिति के सदस्य और विधानसभा चुनाव में अजमेर उत्तर से टिकिट के दावेदार रहे दीपक हासानी ने कहा कि संगठन और सरकार को सिंधी समुदाय के सम्मान का ख्याल रखना चाहिए। सिंधी बहुल्य माने जाने वाले अजमेर उत्तर क्षेत्र से सिंधी उम्मीदवार नहीं बनाए जाने की वजह से तीन बार से कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ रहा है। नसीराबाद के पूर्व विधायक महेन्द्र सिंह गुर्जर ने कहा कि मंत्रियों को हिदायत दी जाए कि वे कार्यकर्ताओं के फोन उठाएं। पूर्व विधायक डाॅ. राजकुमार जयपाल का कहना रहा कि 2 अप्रैल 2018 के भारत बंद के दौरान जिन अफसरों ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ बुरा बर्ताव किया उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाए। महेश च ौहान आदि कार्यकर्ताओं ने भी विचार रखे, लेकिन लोकसभा चुनाव को लेकर कोई गंभीर मंत्राणा नहीं हुई।
च ौधरी ने की पशुपालकों को अनुदान की मांगः
बैठक में समाप्ति पर अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचन्द्र च ौधरी ने डिप्टी सीएम सचिन पायलट से मुलाकात की। च ौधरी ने प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों दको प्रति लीटर दो रुपए अनुदान देने की मांग की। च ौधरी ने पायलट को बताया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार अनुदान दिया था, लेकिन गत भाजपा शासन ने बंद कर दिया। पायलट ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। च ौधरी का कहना रहा कि यदि सरकार दुग्ध उत्पादकों को अनुदान देती है तो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को लाभ मिलेगा।

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