रेहड़ी पटरी संचालक वेलफेयर एसोसिएशन के 60 सदस्यी शिष्टमंडल मुख्यमंत्री को सौपेंगे ज्ञापन

नोएडा समाज जागरण 6 अक्टुबर 2021

नोएडा रेहड़ी पटरी संचालक वेलफेयर एसोसिएशन 10 अक्टुबर को लखनऊ के लिए करेंगे कूच। 11 अक्टुबर को रेहड़ी पटरी और खोमचा वालों के साथ हो रहे उत्पीड़न को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौपेंगे। इस आशय की जानकारी रेहड़ी पटरी संचालक वेलफेयर एसोसिएसन के महासचिव श्री श्याम किशोर गुप्ता नें मिडिया को एक प्रेस नोट जारी करके दिया है। टीम में नोएडा के विभिन्न सेक्टर और वेंडिंग जोन से लगभग 60 लोग होंगे शामिल।

श्री गुप्ता नें कहा है कि नोएडा में प्राधिकरण और उसके अफसर कानून से बड़ा है। हमारे मुख्यमंत्री के द्वारा जो भी निर्देश दिये जाते है वह तो पथ विक्रेता के हित मे होता है लेकिन यहाँ पर अफसर उसको जमीन पर उतरने ही नही देते है। श्री गुप्ता नें नोएडा सेक्टर 27 के वेंडर जिनकों 300 दुकान आवंटन किया गया है बड़ी धांधली होने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि प्राधिकरण और नेता मिलकर अपने लोगों को दुकाने बांट दिया है।

हर जगह एक गरीब आदमी को रेहड़ी पटरी लगाकर अपने बच्चों को पेट भरता है उसके पेट पर लात मारने की काम करते है नोएडा प्राधिकरण के अफसर और यहाँ के नेता। लोगों को बुला-बुला कर सर्वे किया जाता है जबकि नियम यह कहता है कि टाउन वेंडिंग कमेटी दुकान पर जायेगा और जो दुकानदार मौके पर मिलेगा उसका सर्वे किया जायेगा। लेकिन यहाँ सबकुछ अधिकारी और सर्किल आफिसर के आफिस में बैठकर किया जाता है। यहाँ रेहड़ी पटरी माफिया का राज है।

ज्ञापन के मुख्य बिन्दू इस प्रकार से है :-

1- यह कि सादर अवगत कराना है कि उपरोक्त अधिनियम एवं भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत भारत सरकार ने हमें व्यापार करने का अधिकार दिया है, जिसे सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में भी लागू किया जाना था जो कि हमारे लिए हर्ष का विषय था परंतु जबसे इसे जनपद में संचालित करने के लिए भेजा गया है तब से ये हमारे लिए जहर बन गया है हमारे शोषण को रोकने केे लिए जो कानून बना था उस के विपरीत हमारा शोषण किया जा रहा है भ्रष्टाचार अपने चरम पर है उसका केवल एक मात्र कारण है कानूनों की अनदेखी कर अपने नियम गठित कर उसका क्रियान्वित किया जाना ही हमारे शोषण का कारण बन गया है अनेकों बार पत्रों के माध्यम से शासन को अवगत कराया गया है परंतु नोएडा विकास प्राधिकरण अपनी शोषणकारी नीति को ही आगे बढ़ा रहा है,गरीब मजदूर असहाय लोगों का शोषण बदस्तूर जारी है, इस विषय के संबंध में सभी बिंदुओं पर हम आपसे अपने परिवार के लिए पालन पोषण की मांग करते हैं।

2- यह कि नोएडा विकास प्राधिकरण की शोषणकारी नीतियों से निजात दिलाने के लिए हम आपसे विशेष रूप आग्रह करते हैं कि पथ विक्रेता अधिनियम की धारा- 20 को संज्ञान में लेते हुए हमारे लिए एक अलग से आयोग या कमेटी का गठन किया जाए जिस से कि प्राधिकरण की शोषणकारी नीतियों पर विराम लग सके और हमें कानूनी अधिकार का लाभ मिल सके।

3- यह कि उपरोक्त विषय में पथ विक्रेता अधिनियम की धारा- 21 के अनुसार इस बात की व्याख्या है कि जब तक प्रत्येक पथ विक्रेता का भौतिक सर्वेक्षण एवं निरीक्षण कर उसको वेंडिंग जोन में हस्तांतरित ना कर दिया जाए तब तक उसके विस्थापन की कार्यवाही पर पूर्ण रूप से रोक लगे तथा इस अधिनियम की सम्पूर्ण धाराओं को पूर्ण रुप से लागू कराया जाए अन्यथा की दशा में इसके विपरीत घटना घटित होती है तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सुसंगत धाराओं में प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज करा कर वैधानिक कार्रवाई की जाए।

4- यह कि उपरोक्त अधिनियम के अनुसार इस बात की व्याख्या भी की गई है कि अगर किसी पथ विक्रेता का विस्थापन किया जाता है तो कम से कम 30 दिन पूर्व अधिनियम के अनुरूप पथ विक्रेता को सूचित किया जाए कि आपका हस्तांतरण इन कारणों से अन्य स्थान पर किया जा रहा है आपको इतने दिनों के अंदर इस क्षेत्र को खाली करना है तथा इस कार्रवाई को अधिनियम के अनुसार टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में भी रखा जाए।

5- यह कि हम अपनी अन्य सभी मांगों को मौखिक रूप से भी माननीय मुख्यमंत्री जी के सम्मुख प्रस्तुत होकर अपनी व्यथा को रखेंगे कि हमारा शोषण किया जा रहा है, इसके लिए माननीय मुख्यमंत्री जी से रूबरू मिलने का समय निर्धारित किया जाए।

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