छठवें चरण के रण में सीएम योगी पर टिकी सबकी नजर,जानें क्‍या हैं समीकरण*

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(देव मणि शुक्ल ब्यूरो प्रभारी )

नोएडा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के छठवें चरण के चुनावी रण का घमासान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर में भी होगा।तीन मार्च को 10 जिलों की 57 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा।पहली बार विधानसभा चुनाव के रण में उतरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सबकी नजर टिकी हुई हैं।कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर समाजवादी पार्टी में गए स्वामी प्रसाद मौर्य पर भी सबकी नजर टिकी हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने यहां पर 57 में 46 सीटों पर जीत का परचम लहराया था।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का पांच चरण का मतदान हो चुका है।बाकी बचे दो चरण का मतदान पूर्वांचल में होना हैं।पूर्वांचल कभी समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का प्रभाव रहता था, लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अन्य क्षेत्रों की तरह यहां भी समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को हटाकर अपने पैर जमा लिए थे।भारतीय जनता पार्टी के सामने अब अपने जमे हुए पैर को बरकरार रखने की बड़ी चुनौती है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चुनावी मैदान में होने से छठवां चरण काफी अहम माना जा रहा है।

सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ पहली बार विधानसभा का चुनाव गोरखपुर सदर से लड़ रहे हैं।इससे पहले वो लोकसभा सांसद रहे और मुख्यमंत्री बनने के बाद सदन में जाने के लिए विधान परिषद का रास्ता चुना था।ऐसे में अब उनके लिए अपनी खुद की सीट जीतने से अधिक चुनौती इस पूरे क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी को पिछली बार से भी अधिक बड़ी जीत दिलाने की होगी। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी से समाजवादी पार्टी में गए स्वामी प्रसाद मौर्य और इस क्षेत्र से कांग्रेस के इकलौते विधायक व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी चुनावी मैदान में हैं। लल्लू दो बार के विधायक हैं और उनके सामने अपनी हैट्रिक लगाने का मौका है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के छठवें चरण के मतदान वाले क्षेत्र में इस बार सामाजिक,राजनीतिक समीकरण बदला हुआ हैं। पिछली बार भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाले सुहेलदेव भारत समाज पार्टी के नेता ओमप्रकाश राजभर अब समाजवादी पार्टी के साथ हैं तो वहीं भारतीय जनता पार्टी ने निषाद पार्टी के संजय निषाद को अपने साथ जोड़ रखा है।अपना दल पहले की तरह भारतीय जनता पार्टी के साथ मैदान में हैं। इस क्षेत्र में कांग्रेस के बड़े नेता रहे आरपीएन सिंह के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से भी भारतीय जनता पार्टी ने अपनी हालत बेहतर की है। 2017 के विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र की 57 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी ने 46 सीटें जीती थीं,जबकि उसके सहयोगी अपना दल व सुहेलदेव भारत समाज पार्टी को एक-एक ही सीट मिली थी। समाजवादी पार्टी दो और बहुजन समाज पांच सीटें ही जीत पाई थीं। एक सीट पर कांग्रेस का उम्मीदवार जीता था।

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