हर घर से कचरा उठाव को ले 20 इलेक्ट्रिक रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना

नगर परिषद ने कचरा प्रबंधन को मजबूती प्रदान करने में लगाया 20 इलेक्ट्रिक रिक्शा
नगर के सामबे गांव में एक बर्ष से कार्यरत है कचरा प्रबंधन सिस्टम
वारिसलीगंज (नवादा) (अभय कुमार रंजन):-वारिसलीगंज नगर परिषद के सांबे गांव स्थित वार्ड 17 में संचालित कचरा प्रबंधन सेंटर से शुक्रवार को 20 इलेक्ट्रिक रिक्शा को नगर क्षेत्र से हर घर से कचरा उठाव को ले नगर कार्यपालक उपेंद्र कुमार सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मौके पर नगर के जेई अरुण कुमार, वार्ड 17 के निवर्तमान पार्षद विक्रम कुमार सोनू समेत कचरा से जैविक उर्वरक निर्माण में जुटे हरे रंग का बस्त्र धारण किये कर्मी उपस्थित थे।
बता दें कि वारिसलीगंज बाजार की साफ सफाई एवं घरों में एकत्रित सूखा एवं गीला दोनों प्रकार के कचरे को सफाई मज़दूरों की मदद से जमा कर जैविक खाद निर्माण के लिए सांबे गांव स्थित प्रबंधन केंद्र पर पहुंचाया जाता है। जिससे काफी बारीकियों से मज़दूरों के द्वारा 24 प्रकार के वस्तुओं की छटनी की जाती है। बाद में गीला कचरे से जैविक उर्वरक तैयार किया जाता है। 2021 में शुरू किया गया कचरे से उर्वरक बनाने का कार्य मात्र कुछ वार्ड के कचरो का उपयोग किया जा रहा है। जिससे प्रतिमाह करीब 200 केजी जैविक खाद का निर्माण हो रहा है। नगर परिषद क्षेत्र में स्थापित कचरा प्रबंधन केंद्र में प्रति माह 1500 किलोग्राम जैविक खाद उर्वरक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसे पूरा करने के लिए अन्य वार्ड के घरों से गीला व सूखा कचरा एकत्रित करना जरूरी है। तय लक्ष्य को पूरा करने के लिए 20 इलेक्ट्रिक रिक्शा से नगर परिषद क्षेत्र के सभी 20 वार्ड में पहुंचकर घरों से गीला और सूखा कचरा का उठाव किया जाएगा। जिससे जैविक खाद निर्माण कर क्षेत्रवासियों की जरूरत को पूरा किया जा सकेगा।
24 प्रकार के कचरे को मजदूर करते है छटनी:-
अधिकारियों द्वारा बताया गया कि नगर में एकत्रित कचरे से कुल 24 प्रकार के अब्शिष्ठ पदार्थ पृथक किया जाता है। जिसमें प्लास्टिक बोतल, गत्ता, शीश, लोहा, सब्जी एवं फलों का छिलका को डोर टू डोर संग्रह कर कचरा प्रबंधन सेंटर तक पहुंचाया जाता है। जहाँ उसे पृथकी करण कर गीला कचरा से जैविक उर्वरक बनाया जाता है। जबकि सूखा कचरा को निस्तारण बाद गट्ठर बना कर संबंधित प्रबंधन स्थल तक पहुंचाया जाता है। जहाँ उसे गला कर पुनः नया समान बनाया The है। बताया गया कि नगर परिषद में कचरा से उर्वरक बनाने का ट्रायल सफल होने के बाद विस्तारित किया जा रहा है।
हर किसान खरीद सकता है कचरे से बनाए गए जैविक उर्वरक:-
नगर परिषद के कार्य पालक पदाधिकारी उपेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि कचरा प्रबंधन से बनाए गए जैविक उर्वरक बाजार में मिलने वाले रासायनिक खादों से काफी सस्ता एवं फसलों के लिए हानिरहित होता है। कोई भी व्यक्ति या किसान नगर परिषद स्थित कार्यालय पहुंचकर पर्ची कटा कर तैयार जैविक उर्वरक खरीद सकता है। बताया गया कि जैविक उर्वरक निर्माण में किसी प्रकार का रासायनिक पदार्थों का प्रयोग नहीं किया जाता है। मौके पर नगर के कनीय अभियंता अरुण कुमार पूर्व वार्ड पार्षद संजय कुमार, निवर्तमान वार्ड पार्षद विक्रम कुमार सोनू कर्मी राजेश महतो आदि लोग उपस्थित थे।

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