fbpx

सीएम अशोक गहलोत ने राहुल गांधी की किसान रैली की तैयारियों का जायजा लिया। रैली के आयोजन में सरकार का कोई लेना-देना नहीं-पायलट। भव्य स्वागत की तैयारियां।

========================================
7 जनवरी को राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की 9 जनवरी को होने वाली किसान रैली की तैयारियों को जायजा लिया। यह रैली जयपुर के विद्याद्यर नगर स्टेडियम में हो रही है। सीएम गहलोत ने रैली स्तर से लेकर भीड़ जुटाने तक तक की जानकारी ली और अधिकारियों एवं पार्टी के बड़े नेताओं को आवश्यक निर्देश दिए। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद राहुल गांधी पहली बार 9 जनवरी को राजस्थान आ रहे है। हालांकि रैली को किसानों के नाम पर रखा गया है, लेकिन माना जा रहा है कि इस रैली में राहुल गांधी का भव्य स्वागत-सत्कार किया जाएगा। रैली की तैयारियों में सीएम गहलोत की सक्रियता इसलिए भी मायने रखती है कि 6 जनवरी को ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा था कि राहुल गांधी किसान रैली से सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। यह आयोजन पूरी तरह कांग्रेस पार्टी का है और रैली का खर्चा भी पार्टी ही वहन करेगी। पायलट का यह बयान कितना सही है यह तो सीएम गहलोत ही बता सकते हैं, लेकिन सवाल उठता है कि पायलट को ऐसा बयान देने की क्या जरूरत हुई ? जबकि पायलट स्वयं डिप्टी सीएम है। क्या सचिन पायलट राहुल के सामने सिर्फ कांग्रेस संगठन की हैसियत ही दिखाना चाहते है ? पायलट ऐसे बयान जब दे रहे है जब सरकार की ओर से प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में किसान रैली की तैयारियों के लिए भेजा गया है। सरकार ने 4 जनवरी को ही प्रभारी मंत्रियों की घोषणा की और इन मंत्रियों को तत्काल अपने प्रभार वाले जिलों में जाने के निर्देंश दिए। पहले ही दौरे में प्रभारी मंत्रियों ने राहुल गांधी की रैली में भीड़ जुटाने का काम किया। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 2 हजार कार्यकर्ताओं को रैली में लाने का लक्ष्य रखा गया है। सचिन पायलट भले ही राहुल की रैली से सरकार को दूर रखे, लेकिन जब सरकार हाथ में होती है तब ऐसे राजनीतिक आयोजनों में सरकारी धन का दुरूपयोग तो होता ही है। सब जानते हैं कि जिला परिवहन अधिकारी के माध्यम से प्राइवेट बसों का इन्तजाम कैसे होता है ? गत 5 वर्षों तक भाजपा भी इसी तरह रैली और सार्वजनिक सभाओं में भीड़ जुटाने का काम करती रही। अब जब कांग्रेस सत्ता में है तो वो भी सरकार के माध्यम से ही भीड़ जुटाने का काम कर रही है।
एस.पी.मित्तल)

Please follow and like us:
%d bloggers like this: