*विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञान की प्राप्ति हो इस हेतु सद्बुद्धि महायज्ञ का आयोजन*

*मुरारी झा*
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय इकाई के द्वारा कई महीनों से स्नातक और स्नातकोत्तर के लंबित परीक्षा परिणाम अतिशीघ्र जारी करने की विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञान की प्राप्ति हो इस हेतु सद्बुद्धि महायज्ञ का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर में किया गया जिसमे दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर एवं बेगूसराय में अध्ययन कर रहे विभिन्न महाविद्यालय के छात्र एवं परिषद कार्यकर्ता सम्मिलित रहे। सामूहिक रूप से आयोजित इस सद्बुद्धि महायज्ञ के उपरांत कुलसचिव को ज्ञापन सौंपकर संबंधित समस्याओ से पुनः अवगत करवाया गया।
विश्वविद्यालय संयोजक अशोक कुशवाहा ने कहा की परिसर के अलावा बहुत जगह हैं उत्सव मनाने के लिए कल नमाज हुआ है आज यज्ञ हो रहा, कल ईसाई लोग आकर वहा प्रार्थना करेंगे, परसो कोई हनुमान चालीसा पाठ करेगा तो क्या इससे धार्मिक उन्माद फैलेगी या सिमटेगी। दिक्कत वहा है कि कैंपस को कैंपस ही रहने दिया जाय ना और भी बहुत जगह है हरेक धर्म समुदाय के लिए स्थल निर्धारित होता है जहां इस तरह का आयोजन होता है विद्यार्थी परिषद उसका सम्मान करती है। हमारा विरोध उस पद पर बैठे कुलसचिव, कुलपति, परीक्षा नियंत्रक से है मुझे ये नही फर्क पड़ता की वो किस जाति किस धर्म किस समुदाय से है मुझे हमारा रिजल्ट चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभाविप दरभंगा के जिला संयोजक हरिओम झा ने कहा की विश्वविद्यालय परिसर में किसी और तरह की एक्टिविटी की सख्त मनाही है एक आंदोलन करने के लिए 7 दिन पूर्व अनुमति लेनी पड़ती है साल भर से पेंडिंग परीक्षा परिणाम के लिए जब बात करने पहुंचे अधिकारी के पास तो उनको फुरसत नहीं होती मिलने की सुरक्षा गार्ड कैंपस में मात्र तीन आदमी की इजाजत देते है, यहां लाखो छात्रों का जीवन प्रभावित हो रहा रिजल्ट के ना आने से डिग्री समय पर ना मिलने से नौकड़ी छूट रही है इससे प्रभावित मेरे जैसे हजारों छात्र है।
बहुत मुश्किल से कोई परीक्षा क्लियर करता है और सेशन के चक्कर में भविष्य अंधकार होता है। जब एक तरफ आप छात्रों के भविष्य को अंधेरे में रख कर बरबाद कर रहे है और दूसरी तरफ आप यहां पार्टी मनाने में जुटे है। इनको रिजल्ट जारी करने की फुरसत नहीं मिलती छात्रों से मिलने को फुरसत नहीं मिलती, कैंपस में प्रवेश के लिए अंगुली पर गिने लोग ही चाहिए लेकिन पार्टी आयोजित करने से कोई रोक नहीं है।
समस्तीपुर जिला संयोजक मुलायम सिंह यादव ने कहा कि पीजी फर्स्ट और सेकंड सेमेस्टर का एग्जाम हो जाने के बावजूद आज तक रिजल्ट प्रकाशित नहीं हुआ है और तृतीय सेमेस्टर का परीक्षा लेने की दिशा में अब विश्वविद्यालय आगे बढ़ रहा है वहीं स्नातक तृतीय खंड का रिजल्ट आने के बाद भी आज तक मूल्य अंकपत्र छात्रों को मुहैया नहीं करवाया जा सका है विगत 2 महीने के बाद भी क्या वहीं दूसरी और विश्वविद्यालय में छात्र हित के काम करने की जगह रिजल्ट प्रकाशित करने की जगह आए दिन भोज का आयोजन किया जाता है यह दुर्भाग्य का कारण है विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र हित में कदम उठाना चाहिए ना की भोज आयोजन विश्वविद्यालय कैंपस में करना चाहिए विश्वविद्यालय में तानाशाही गैर जिम्मेदाराना काम सिर्फ हो रहा है विश्वविद्यालय को किस तरह से लूटा जाए विश्वविद्यालय के छात्रों को किस तरह से आर्थिक शोषण किया जाए विद्यार्थियों को किस तरह से परेशान किया जाए सिर्फ और सिर्फ यही अब हो रहा है आज इसीलिए सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया।
बेगूसराय के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ध्रुव कुमार ने कहा की विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, डीएसडब्ल्यू सहित अन्य पदाधिकारियों को जो अपना दायित्व भूलकर सिर्फ लूटने के लिए महाविद्यालय विश्वविद्यालय में घूम रहे हैं तथा आंखो के आगे इस तरह का कार्यक्रम परिसर में हो रहा उन सभी पर करवाई हो साथ ही सभी महाविद्यालयों में अतिशीघ्र प्रमाण पत्र एवं अंक पत्र की उपलब्धता सुनिश्चित हो अथवा विकल्प तैयार करें जिससे स्नातक अंतिम वर्ष उत्तीर्ण छात्र बीएड की परिक्षा में बैठ सके।
प्रदेश सह कल्याण छात्रावास प्रमुख मनीष पासवान ने बताया कि यह मां जानकी की भूमि है यह मिथिला की भूमि पर अवस्थित मिथिला विश्वविद्यालय है इसे धार्मिक अखाड़ा नही बनाया जाय और ना ही जामिया जैसे कट्टरपंथी विश्वविद्यालय में परिणत करने की भावना को गतिविधि मिले नही तो अंजाम भुगतने को विश्वविद्यालय प्रशासन तैयार रहे।
मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आशुतोष गौरव, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के छात्र संघ उपाध्यक्ष ध्रुव कुमार ध्रुव शर्मा,नगर मंत्री सूरज ठाकुर, आर्यन सिंह, राहुल सिंह, पवन सिंह, शिवम कुमार, नीतीश मिश्रा, अनीश श्रीवास्तव, अमित सिंघानिया, अमरेश कुमार, अमित कुमार, सुमित शेखर, अनुपम झा, सिंटू पांडे, मनीष कुमार, सुजल कुमार,परमेश्वर मिश्रा, राजीव प्रकाश मधुकर, सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
साथ ही निम्न मांग पत्र भी सौंपा गया:-
1) स्नातकोत्तर प्रथम ,द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर तथा स्नातक प्रथम एवं द्वितीय खंड का लंबित परीक्षा फल 3 दिन के अंदर जारी किया जाए l
2) सत्र 2018- 21 में स्नातक उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं का अंकपत्र , मूल प्रमाण पत्र एवं टीआर कॉपी महाविद्यालय को शीघ्र भेजा जाए l स्नातक एवं स्नातकोत्तर के कई सत्र का मूल प्रमाण पत्र एवं अंक पत्र अभी तक महाविद्यालय को प्राप्त नहीं है , इसे भी शीघ्र महाविद्यालय भेजा जाए l
3) सभी महाविद्यालय में नियमित वर्ग संचालन हेतु समुचित संसाधन उपलब्ध कराया जाए तथा विश्वविद्यालय के ईमानदार पदाधिकारियों के द्वारा सभी महाविद्यालय में हो रहे वर्ग संचालन का औचक निरीक्षण किया जाए l
4) सभी महाविद्यालयों में छात्र- छात्रा हेतु पेयजल और शौचालय की सुविधा उपलब्ध हो तथा इसके रखरखाव की समुचित व्यवस्था हो l इस हेतु सफाई कर्मी की बहाली भी उचित संख्या में की जाए l
5) ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के विभिन्न मामलों में भ्रष्टाचार के घेरे में रहे तथा सांप्रदायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले कुलसचिव को तत्काल बर्खास्त किया जाए l
6) विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग में कई वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मियों का स्थानांतरण किया जाए तथा परीक्षा विभाग के लंबित कार्यों की शीघ्र और नियमित समीक्षा की जाय l
7) सभी महाविद्यालयों में आइक्यूएसी का गठन कर पिछले 6 वर्षों से छात्र-छात्राओं से लिए गए पैसे एवं उनके व्यय जांच की जाए l
8) छात्र-छात्राओं की संख्या को देखते हुए सभी डिग्री कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई प्रारंभ हो तथा प्रत्येक जिले में एक महाविद्यालय में म्यूजिक तथा ड्रामा की पढ़ाई भी स्नातकोत्तर स्तर पर हो l
9) जिन महाविद्यालयों में रिटायर्ड अकाउंटेंट पद पर बने हुए हैं उन्हें शीघ्र हटाकर महाविद्यालय में कार्यरत स्थाई कर्मियों को अकाउंटेंट बनाया जाए ताकि महाविद्यालय के आर्थिक कार्यों में पारदर्शिता आ सके l
10) विभिन्न महाविद्यालयों में छात्र छात्राओं से हो रहे हैं अवैध वसूली पर सख्ती से रोक लगाया जाए तथा छात्राओं की सुविधा हेतु सेनेटरी बेंडिंग मशीन लगवाई जाए l
11) सभी महाविद्यालय में मनाही के बावजूद भी अनुसूचित जाति जनजाति एवं छात्राओं के साथ मनमानी फीस वसूली पर रोक लगाई जाए।
12) अतिशीघ्र सुधार कर स्नातकोत्तर की दूसरी सूची जारी कर नामांकन प्रारंभ किया जाय ताकि सत्र में विलंब न हो।

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