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काग्रेस सरकार को पं दीनदयाल से एलर्जी, सरकारी दस्तावेजों 📜से हटेगा पं. दीनदयाल 👤का फोटोयुक्त लोगो

राजस्थान: सरकारी दस्तावेजों 📜से हटेगा पं. दीनदयाल 👤का फोटोयुक्त लोगो

राजस्थान में नवगठित अशोक गहलोत सरकार ने राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के एक आदेश को पलटने जा रहीं है। राजस्थान सरकार के लेटर पैड और किसी भी लिखित आदेश पर अब जनसंघ के संस्थापक पं. दीनदयाल उपाध्याय का फोटो वाला लोगो नहीं दिखेगा। कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार में अब लेटर पैड और सरकारी परिपत्रों पर केवल अशोक स्तंभ ही छापा जाएगा। इसको लेकर जल्द ही आदेश जारी हो सकते हैं।

बीजेपी के शासन में सरकार ने आदेश जारी कर सभी आदेशों पर पं. दीनदयाल उपाध्याय का लोगो लगाना अनिवार्य किया था। जिसके बाद कांग्रेस सरकार ने इसका विरोध भी किया था। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि बीजेपी की सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एजेंडें को लागू करने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि यह अशोक स्तम्भ का अपमान है जो कि अलोकतांत्रिक है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सरकारी पुस्तकालयों में पं. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन पर लिखित पुस्तकें रखनें की बाध्यता भी हटाने जा रही है। गौरतलब है कि बीजेपी की पिछली सरकार में दीनदयाल उपाध्याय संपूर्ण वांगमय की पुस्तकें सचिवालय सहित प्रदेशभर की लाइब्रेरी में रखवाई गईं थी।

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