fbpx

योगी सरकार ने मथुरा से 7 गैर कानूनी मजारे हटायी।

*ब्रेकिंग – योगी सरकार ने मथुरा में 7 गैर क़ानूनी मजारों को तोडा, इस्लामिक कट्टरपंथियों ने जिहाद मचाने के उद्देश्य से बनायीं थी मजारें*

*हिन्दू नगरी के इस्लामीकरण, जमीनों पर कब्जे के मकसद से बनाई थी गैर क़ानूनी मजारे*

*जो काम अखिलेश यादव मुस्लिम वोट बैंक की राजनीती के कारण नहीं कर सके, जबकि वो खुद को कृष्ण का वंशज बताते है, वो काम योगी ने कर दिखाया*

*साल था 2015 – कोर्ट ने आदेश दिया था की मथुरा में बड़े पैमाने पर गैर क़ानूनी मजारे बनाई गयी है, प्रशासन मथुरा से ये गैर क़ानूनी मजारे हटाये, पर सरकार में बैठे थे अखिलेश यादव, 1 भी गैर क़ानूनी मजार नहीं हटाया गया*

*ये मजारे इस्लामिक कट्टरपंथियों ने बनाई थी, मकसद था पवित्र हिन्दू तीर्थ स्थान मथुरा का इस्लामीकरण करना, जमीनों पर मजार बनाकर कब्ज़ा करना, और मूढ़ हिन्दुओ के मत्था टेकने आने से होने वाली कमाई करना, यानि हिन्दुओ से पैसा कमाना और हिन्दू तीर्थ स्थल का इस्लामीकरण करना*

*साल 2017 में योगी सरकार आई, और सरकार ने अब जाकर मथुरा से मजारों की गन्दगी को साफ़ करने का काम शुरू कर दिया, योगी सरकार ने गोवर्धन परिक्रमा के आसपास 7 गैर क़ानूनी मजारों को ध्वस्त कर दिया है*

*प्रशासन और भी गैर क़ानूनी मजारों को देख रहा है, और इन सभी को ध्वस्त करने का काम किया जायेगा, 1 भी गैर क़ानूनी मजार नहीं बचेंगी, इस से मथुरा शहर भी पवित्र होगा और साथ ही साथ सरकारी जमीनों पर कब्जों को भी छुड़ाया जायेगा*

*योगी सरकार की कार्यवाही से स्थानीय कट्टरपंथियों के अलावा खुद को यादवों का मसीहा बताने वाले अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी भी बौखला गयी है, और योगी सरकार की कार्यवाही को साम्प्रदायिकता बताया जा रहा है*

*पर सत्य ये है की योगी सरकार कोर्ट के ही आदेश का पालन कर रही है, और जिहाद मचाने के मकसद से बनाये गए गैर क़ानूनी मजारों को तोडा जा रहा है जो की स्वागतयोग्य कार्य है और मथुरा के अलावा यूपी के हर शहर में ये कार्य होना चाहिye

Please follow and like us:
%d bloggers like this: