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भारत में आईएसआईएस की गतिविधियां खतरनाक साबित होंगी।

दिल्ली , अमरोहा, मेरठ आदि में एनआईए की छापामारी।
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सीरिया और अफगानिस्तान से अमरीकी सेना को वापस बुलाने के फैसले से सबक लें।
26 दिसम्बर को एनआईए ने दिल्ली, अमरोहा, मेरठ आदि में छापामार कार्यवाही की तो भारत में आतंकी संगठन आईएसआईएस की गतिविधियां उजागर हुई। अमरोहा के एक मदरसे से तो घातक हथियार भी बरामद हुए हैं। दिल्ली के जाफराबाद और सिलमपुर आदि से विस्फोटक सामग्री मिली है। बताया जा रहा है कि भारत में हरकत उल हर्ब-ए-इस्लाम नामक संगठन के माध्यम से आईएस सक्रिय हैं। मुस्लिम युवक इंटरनेट के माध्यम से विदेशों में बैठे आईएस के नेताओं से सम्पर्क में हैं। एनआईए ने सोहेल नामक युवक के साथ चार अन्यों को भी हिरासत में लिया है। एनआईए के सूत्रों के अनुसार दिल्ली में पकड़े गए युवकों से पूछताछ में पता चला कि आईएस के आतंकियों के निशाने पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और दिल्ली पुलिस का मुख्यालय था। इन दोनों स्थानों पर हमला कर आतंकी देश का माहौल खराब करने की फिराक में थे। 26 दिसम्बर को एनआईए की छापामारी में जो तथ्य सामने आए वे देश के लिए बेहद खतरनाक है। भारत में आईएस की गतिविधियों को रोकने के लिए सभी नागरिकों को एकजुट होना चाहिए। क्योंकि आईएस का काम सिर्फ कट्टरता को कायम करना है। यही वजह है कि मुस्लिम देश सीरिया और अफगानिस्तान में भी आईएस का विरोध हो रहा है। आईएस की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दोनों देशों से अपनी सेना को वापस बुला लिया है। सवाल उठता है कि आखिर सीरिया और अफगानिस्तान में आईएस के आतंकी किसे मार रहे हैं। क्या हमलों में ईसाई या हिन्दू मारे जा रहे हैं। सब जानते है कि आईएस के हमलों में मुसलमान ही मर रहे है। अमरीकी सेना के वापस आने के बाद सीरिया और अफगानिस्तान के हालातों का अंदाजा लगाया जा सकता है। आईएस के आतंकियों के लिए सीरिया और अफगानिस्तान की सेना को परास्त करना आसान होगा। भारत में जो लोग आतंकियों का समर्थन करते हैं उन्हें सीरिया और अफगानिस्तान के हालातों से सबक लेना चाहिए। भारत में मुस्लिम आबादी भी है। आम तौर पर दोनों समुदायों में भाई चारा है। विकास का लाभ बिना भेदभाव के सबको मिलता है। मुस्लिम युवतियां भी महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हो रही हैं। ऐसे में यदि आईएस जैसे कट्टरपंथी संगठन भारत में सक्रिय होते हैं तो यह बेहद खतरनाक होगा।
एस.पी.मित्तल) (26-12-18)

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