बाईक बोट के मामले में कोर्ट का फैसला, वाहन को उसके असली स्वामी को लौटाना आवश्यक

नोएडा, ग्रेटर नोएडा यहाँ तक कहे कि उत्तर प्रदेश के सबसे बड़ा घोटाला बाईक बोट के नाम से ही आपके कान खड़े हो जाते होंगे और कुछ लोगों को गुस्सा भी आने लगते है, क्योंकि उनके जीवन के गाढी कमाई को नटवर लाल नें देखते देखते ही लूट लिया। अक्सर लोग ज्यादा कमाने के चक्कर में या ज्यादा रिटर्न पाने के लालच में ऐसे नटवर लाल के चंगुल में फंस जाते है। ऐसे ही एक घोटाला जिसका नाम है बाईक बोट घोटाला जिसमें हजारों इन्वेस्टर्स से पैसे लिया गया बाईक बोट के नाम पर इनेवेस्ट करवाया । लेकिन जब देने की बारी आया तो नटवर लाल संजय भाटी व उनके टीम ना नुकुड़ करने लगे। मामला कोर्ट में पहुँचा और संजय भाटी जो कि बाईक बोट के डायरेक्टर है उनके खिलाफ एक्शन लिया गया। फिलहाल भाटी और उनके साथी जेल में है गैंगस्टर एक्ट के तहत।

लंबे समय के बाद कोर्ट नें इन्वेस्टर्स को राहत देते हुए कहा है जो गाड़ी थाना हाजा पर गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लि0 के नाम से जो गाड़ियाँ जब्त की गयी है उसे उसके अधिकृत स्वामी के हक में सौपना अति आवश्यक है। माननीय न्यायालय के इस आदेश के बाद जो इन्वेस्टर्स है उनकों थोेड़ी थी राहत तो मिली लेकिन कंपनी नें उसके खिलाफ फिर याचिका दायर किया। लेकिन एक बार फिर से इन्वेस्टर्स के पक्ष में मामले कि सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय ने फैसला दिया और याचिका को खारीज कर दिया। इसके साथ ही कोर्ट नें यह भी कहा ही मामला रिजाल्विगं प्रोसेसिंग की बनती है इसलिए जो इसमें सीआईआरपी है वह एनसीएलटी में जा सकते है। आपरेशनल क्रेडिटर को निर्देश दिया कि कानून के अनुसार आर रिजाल्विंज प्रोसेसिंग में जाईये और यह मामला खारीज किया जाता है। मामले की सुनवाई 14 सितंबर को आनलाईन के माध्यम से हुई।

बता दे कि हाल ही में संजय भाटी व उनके साथी जो इस घोटाले में शामिल है गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यावाही की गयी है।

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