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दिल्ली पीता रहेगा अजमेर का दूध।

इस वर्ष चालीस हजार लीटर प्रतिदिन की सप्लाई।

अजमेर डेयरी को मिली बड़ी सफलता।

11 मार्च को अजमेर डेयरी को दूध विपणन के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है। डेयरी के अध्यक्ष रामचन्द्र च ौधरी और प्रबंध निदेशक गुलाब भाटिया ने दिल्ली में देहली मिल्क स्कीम को चालीस हजार लीटर दूध प्रतिदिन सप्लाई करने का अनुबंध किया है। असल में दिल्ली को दूध सप्लाई करने को लेकर देश भर की डेयरियों में प्रतिस्पर्धा रहती है। जिन डेयरियों के पास दूध सरप्लस में है उनका प्रयास रहता है कि दिल्ली में मदर डेयरी या अन्य सरकारी डेयरियों को दूध की सप्लाई की जाए। अजमेर डेयरी ने चालीस वित्तीय वर्ष के लिए भी देहली मिल्क स्कीम को पचास हजार लीटर दूध प्रतिदिन देने का अनुबंध किया था। इस बार प्रतिस्पर्धा की वजह से चालीस हजार लीटर का अनुबंध हुआ है यानि अब एक अप्रैल से अजमेर डेयरी रोजाना चालीस हजार लीटर दूध की सप्लाई दिल्ली में करेगी। डेयरी अध्यक्ष च ौधरी ने इसे बड़ी सफलता बताई है। च ौधरी ने कहा कि अजमेर डेयरी का दूध गुणवत्ता की दृष्टि से अव्वल होता है इसलिए दिल्ली में हमेशा मांग बनी रहती है। दिल्ली को साढ़े छह फैट की गुणवत्ता वाला दूध सप्लाई किया जाएगा। डेयरी के एमडी भाटिया ने बताया कि अजमेर डेयरी प्रतिदिन चार लाख लीटर दूध का संकलन करती है। इसमें से दो लाख लीटर दूध की सप्लाई रोजाना उपभोक्ताओं को की जाती है। मांग के अनुरूप दूध से घी और अन्य उत्पाद भी बनाए जाते हैं। सरप्लास दूध को दिल्ली में सप्लाई किया जाता है। अजमेर डेयरी सभी दुग्ध उत्पादकों से दूध क्रय करती है। किसी भी पशुपालकों का दूध लेने से मना नहीं किया जाता।
दो रुपए मिलता है अनुदानः
च ौधरी ने बताया कि अजमेर सहित राजस्थान भर में दुग्ध उत्पादकों को सरकार की ओर से दो रुपए लीटर का अनुदान मिलता है। इसलिए भी पशुपालक अपने पशुओं का दूध डेयरी में देने में रुचि रखते हैं। 11 मार्च को हुआ समझौता भी अजमेर जिले के पशुपालकों के हित में है। डेयरी प्रबंधन अपनी कार्यकुशलता से सरप्लस दूध को दिल्ली जैसे महानगर में खपा देता है। आम तौर पर डेयरियां पशुपालकों से दूध लेने से इंकार कर देती है। लेकिन अजमेर में प्लांट की क्षमता से अधिक दूध का संग्रहण पशुपालकों के हित में किया जाता है। उन्होंने बताया कि डेयरी परिसर में 250 करोड़ रुपए की लागत से नया प्लांट तैयार हो रहा है। इसके बाद अजमेर डेयरी की क्षमता बढ़ जाएगी और साथ ही कई तरह के उत्पाद भी तैयार होने लगेंगे

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